बलरामपुर: टीईटी अनिवार्यता से परेशान शिक्षक, विधायक से मिलकर सौंपा ज्ञापन

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद के परिषदीय स्कूलों के शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के उस नए आदेश से चिंतित हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

बलरामपुर जनपद के परिषदीय स्कूलों के शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के उस नए आदेश से चिंतित हैं, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले के विरोध में, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल से मुलाकात की और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

‘पुराने शिक्षकों के साथ अन्याय’

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश पुराने शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त, 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट मिली हुई थी।

एसोसिएशन के महामंत्री तुलाराम गिरी ने कहा कि यह फैसला शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गाइडलाइन के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि इस आदेश से देशभर में लगभग 40 लाख और उत्तर प्रदेश में 4 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे।

सरकार से अध्यादेश लाने की मांग

वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि सेवा के अंतिम चरण में उम्रदराज शिक्षकों के लिए परीक्षा देना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने के लिए एक अध्यादेश लाया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान, राजेंद्र प्रसाद गुप्त, सुभाष मिश्र, और अन्य शिक्षक शामिल थे।

 

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