बलरामपुर पुलिस की बड़ी सफलता ऑनलाइन धोखाधड़ी का किया खुलासा, 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद पुलिस ने थाना ललिया क्षेत्र में हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी की घटनाओं का सफलतापूर्वक।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

बलरामपुर जनपद पुलिस ने थाना ललिया क्षेत्र में हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी की घटनाओं का सफलतापूर्वक अनावरण करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन ठगों के पास से कुल 8350 रुपये भी बरामद किए हैं।

क्या था मामला

बलरामपुर जनपद थाना ललिया में नियुक्त उपनिरीक्षक बब्बन यादव ने 18 जुलाई, 2025 को एक लिखित सूचना दी थी। इसमें बताया गया कि सत्यदेव और उसके 4 अन्य साथी आम जनता को पैसा कमाने का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते हैं। इसके बाद वे उन खातों के नंबर, एटीएम कार्ड और संबंधित मोबाइल नंबर के सिम कार्ड को साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस सूचना के आधार पर थाना ललिया में मु0अ0सं0 79/25 धारा 319(2), 318(4)- BNS व 66 D IT ACT के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी ललिया डॉ. जितेंद्र कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में, थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।

आज ललिया पुलिस टीम ने कुर्मी पुरवा कोड़री के पास से मामले में नामित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में शामिल हैं:

  • सत्यदेव पुत्र शम्भूलाल, निवासी काशीपुर लौकहवा, थाना ललिया, बलरामपुर
  • लवकुश वर्मा पुत्र ओमकार वर्मा, निवासी अहलाद नगर परसिया, थाना ललिया, बलरामपुर
  • जयप्रकाश यादव पुत्र जगजीवनदास, निवासी भैयाडीह लालपुर विशुनपुर, थाना ललिया, बलरामपुर
  • प्रदीप कुमार सिंह पुत्र सचेन्द्र सिंह, निवासी उगरपुर सुल्तानपट्टी, थाना मोहम्मदाबाद, फतेहगढ़

सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया ।गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से नगदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए:

सत्यदेव: ₹2000 और एक एंड्रॉइड मोबाइल

लवकुश वर्मा: ₹1700 और एक एंड्रॉइड मोबाइल

जयप्रकाश यादव: ₹2200 और एक एंड्रॉइड मोबाइल

प्रदीप कुमार सिंह: ₹2450 और दो एंड्रॉइड मोबाइल

पूछताछ

पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित साइबर ठगी गिरोह चलाते हैं। वे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं, एटीएम कार्ड जारी करवाते हैं और उन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर के सिम कार्ड अपने सरगना को दिल्ली भेज देते हैं। दिल्ली में बैठा सरगना इन्हीं खातों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त पैसा मंगवाता है और एटीएम के माध्यम से अलग-अलग जगहों से निकाल लेता है। जिन खाताधारकों के खातों का उपयोग होता है, उन्हें भी धोखाधड़ी की रकम का पांच प्रतिशत हिस्सा दिया जाता है। इस प्रकार, ये सभी मिलकर एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का संचालन कर रहे थे।

 

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