महराजगंज: उपेक्षा का शिकार हुए ‘अमृत सरोवर’, लाखों खर्च के बावजूद बदहाल स्थिति ,जिम्मेदार कौन ?

महराजगंज

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीण सौंदर्यकरण को बढ़ावा देना था, महराजगंज जनपद के धानी ब्लॉक स्थित ग्राम सभा बरजी में दम तोड़ती नजर आ रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीण सौंदर्यकरण को बढ़ावा देना था, महराजगंज जनपद के धानी ब्लॉक स्थित ग्राम सभा बरजी में दम तोड़ती नजर आ रही है। वर्ष 2022 में लाखों रुपये की लागत से निर्मित ‘अमृत सरोवर’ आज बदहाली की कहानी बयां कर रहा है, जो सरकारी धन के दुरुपयोग और संबंधित अधिकारियों की घोर अनदेखी को उजागर करता है।

बरजी गांव में अमृत सरोवर की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि यह जल संरक्षण के बजाय एक उजाड़ भूमि का प्रतीक बन गया है। तालाबों में पानी न के बराबर है और जो थोड़ा-बहुत है, वह भी गंदा है। साफ-सफाई का तो जैसे यहां कोई नामोनिशान ही नहीं। स्थानीय लोगों के टहलने या बैठने के लिए बनाए गए परिसर की कल्पना भी बेमानी लगती है, क्योंकि तालाब के चारों ओर लगी रेलिंग टूटी पड़ी हैं और बैठने के लिए एक अदद बेंच तक उपलब्ध नहीं है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमृत सरोवर के निर्माण पर स्वीकृत धनराशि और खर्च की गई वास्तविक राशि का विवरण भी यहां लगे बोर्ड से नदारद है। यह पारदर्शिता के अभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के समय ही कई सुविधाएं पूरी किए बिना लाखों रुपये खर्च कर दिए गए, जिसका परिणाम आज यह वीरान पड़ा सरोवर है। तालाब में बड़ी-बड़ी घास-फूस उग आई है, जिससे यह किसी जंगल का हिस्सा प्रतीत होता है।

ध्वजारोहण के लिए बनाया गया चबूतरा भी जर्जर अवस्था में है, जो राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाले आयोजनों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते जल संरक्षण की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। गांव के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, अमृत सरोवर बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है।

यह बदहाल स्थिति न केवल सरकार की महती योजना को पलीता लगा रही है, बल्कि यह भी सवाल खड़े करती है कि आखिर इन लाखों रुपयों का उपयोग कैसे किया गया और जवाबदेह अधिकारी कब तक अपनी आंखें मूंदे रहेंगे। बरजी गांव का यह अमृत सरोवर, केवल एक तालाब नहीं, बल्कि सरकारी उदासीनता और भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है।

 

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