पेपर लीक मामले का ₹1 लाख का इनामी आयुष पांडेय गिरफ्तार

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मंझनपुर कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मंझनपुर कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार सुबह कादीपुर चीनी मिल के पास से पेपर लीक मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी शातिर अपराधी आयुष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है। एडीजी ने कुछ दिन पहले ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

क्या है मामला?

फरवरी 2024 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, जिसमें पुलिस भर्ती परीक्षा भी शामिल थी, में सॉल्वर गैंग सक्रिय था। 15 फरवरी 2024 को साइबर थाना के तत्कालीन प्रभारी गणेश प्रसाद सिंह ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 लाख 84 हजार रुपये नकद, एक जाली पुलिस पहचान पत्र, चार फर्जी मार्कशीट, और छह मोबाइल फोन बरामद किए थे।

आयुष पांडेय इस सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड था, जो पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक कराकर हल की हुई कॉपियां अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होने के बाद से ही आयुष पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।

एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

एडीजी द्वारा आयुष की गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। बुधवार सुबह मंझनपुर पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आयुष पांडेय पुत्र विनोद पांडेय, निवासी ग्राम बभन पूरा, थाना रानीपुर, जिला मऊ को चीनी मिल, कादीपुर के पास से धर दबोचा।

पूछताछ में कबूला जुर्म

पूछताछ के दौरान आयुष ने बताया कि वह अपने गैंग के साथियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक कराता था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों से मनमाने ढंग से मोटी रकम वसूलता था, जिससे उसे और उसके गिरोह के सदस्यों को आर्थिक लाभ होता था।

जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आयुष को जेल भेज दिया है। यह गिरफ्तारी पेपर लीक के बड़े रैकेट का खुलासा करने में एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

 

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