महराजगंज : गुलामी की जंजीर में बंधी हुई है आजाद भारत की मासूम बच्ची और मां, ससुराल वालों से तंग आकर पीड़ित महिला ने बनाया विडीयो, सोशल मीडिया पर हो गया वायरल, जांच में जुटी पुलिस

महराजगंज

महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनपीपरी में एक महिला ने अपनी दुःखों को व्यक्त करते हुए एक विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

 

यह एक ऐसा युग है, जहां कुछ भी असंभव कहना आसान नहीं। कहते हैं शादी सात जन्मों के जीवन सूत्र का बंधन होता है, लेकिन इस दौर की शादियां लगभग सातों बंधन एक ही जीवन में निभाने की करतूत करने पर उतारू हो गए हैं। ये अलग बात है कि सातो बंधन सात लोगों के साथ हो सकता है।
यहां शादी किसी और से एवं साथ किसी और का। ‘हां’! ऐसा भी संभव है।

उक्त मामले से जुड़ा कोल्हुई थाना क्षेत्र का मामला

महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र अंतर्गत जहना निवासी महिला की शादी करीब चार वर्ष पहले कोल्हुई थाना क्षेत्र अंतर्गत धरैचा टोला सोनपीपरी निवासी युवक से हुई थी। दोनों मुस्लिम समुदाय के ही थे और उनकी शादी स्वेच्छा पूर्वक ही हुई थी। जैसा कि महिला ने वायरल विडीयो के जरिए बताई है।
मामला तो गंभीर मोड़ तब ले लिया,जब पति अपनी पत्नी के गर्भ में ही छः महीने की बेटी को छोड़ अपनी गांव की ही प्रेमिका के साथ फरार हो गया। पीड़ित पत्नी की मानें तो अभी उस पति को प्रेमिका से एक लड़का और एक लड़की है। साथ ही पीड़ित महिला को भी चार वर्ष की बेटी है। जिसे अब ससुराल वाले मां तथा बेटी दोनों को अपनाने से इंकार कर दिया है।

पति तो अपनी नई प्रेमिका के साथ जिंदगी को बेहतर से बेहतरीन बनाने में लगा हुआ है, लेकिन उसकी पत्नी और बेटी घर पर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। जब पीड़ित महिला का पति प्रेमिका के साथ फरार हुआ था तो महिला ने थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। बाद में ससुराल वालों ने महिला को पति के साथ रहने का वादा कर सुलहनामे पर हस्ताक्षर करवा लिया गया, जिसके सूचना मिलते ही पीड़ित महिला के पिता का इंतकाल हो गया।
वर्तमान स्थिति यह है कि महिला अपने ससुराल में ही जेल जैसी जीवन यापन करने को मजबूर है। अपनी चार वर्षीय बेटी के साथ भूख को साथी बनाकर रोने के सहारे जीवन काट रही है और ससुराल वाले खाने-पीने के घर में ताला लगाकर घर छोड़ महिला को घर से निकलने की इंतजार में टकटकी लगाए हैं।
अब सवाल यह है कि उस पीड़ित महिला और मासूम बच्ची की इसमें क्या खता है कि घर में ही जेल की कैदियों से भी बद्तर जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा है?

उक्त आरोप महिला के वायरल विडीयो पर आधारित है। जो वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 पुष्टि नहीं करता है।

फिलहाल विडीयो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमा हरक़त में दिख रही है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक आतीश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा विडीयो बनाकर वायरल किया गया। जिस विडीयो को संज्ञान में लेकर पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

 

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