महराजगंज:दारुल उलूम फैज़ मोहम्मदी के प्रांगण में होली व ईद मिलन समारोह का आयोजन

महराजगंज

महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर के इकरा एजुकेशनल एंड टेक्निकल फाउंडेशन, हथियागढ़ के तत्वावधान में संचालित दारुल उलूम फैज़ मोहम्मदी के प्रांगण में एक अभूतपूर्व होली व ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर के इकरा एजुकेशनल एंड टेक्निकल फाउंडेशन, हथियागढ़ के तत्वावधान में संचालित दारुल उलूम फैज़ मोहम्मदी के प्रांगण में एक अभूतपूर्व होली व ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया। संस्था प्रमुख मौलाना कारी मोहम्मद तैयब कासमी की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने सांप्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारे का एक मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुफ्ती एहसानुल हक कासमी ने किया।

इस विशेष अवसर पर जिले भर से विभिन्न धर्मों और समुदायों के सामाजिक कार्यकर्ता और जन कल्याण से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों को साझा किया।

 

दारुल उलूम फैज़े मोहम्मदी के नाज़िम-ए-आला मौलाना साद रशीद नदवी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “होली व ईद मिलन जैसे संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा उद्देश्य इस पवित्र परंपरा को पुनर्जीवित करना है ताकि प्रेम और भाईचारे का प्रसार हो सके। एक विकसित और सौहार्द्रपूर्ण भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक धर्म और उसके धार्मिक प्रतीकों का सम्मान है।”

संस्था के मोहतमिम मौलाना मुहीउद्दीन कासमी नदवी ने इस आयोजन को जिले के लिए एक नई मिसाल बताते हुए कहा, “आज का यह समारोह हिंदू और मुस्लिम भाइयों को एक ही मंच पर साथ लाकर भारत की ‘अनेकता में एकता’ की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है। यही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का स्वप्न था, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। हमें ऐसे ही भारत को आगे बढ़ाना है।”

महाराजगंज से आए सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल शर्मा ने इस मौके पर कहा, “आज हम एक ऐसे मंच पर एकत्रित हुए हैं जहां केवल प्रेम और सद्भाव दिखाई दे रहा है। यहां न धर्म की कोई दीवार है, न जाति का कोई भेदभाव। हर व्यक्ति मानवता के सम्मान का संदेश दे रहा है। यह दुखद है कि कुछ सांप्रदायिक ताकतें इस आपसी भाईचारे को पचा नहीं पा रही हैं और वे नफरत फैलाने में लगी हुई हैं।”

एडवोकेट महताब वकील ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “आज जब समाज को तोड़ने के प्रयास हो रहे हैं, तब ईद मिलन जैसे कार्यक्रमों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह ऐसे आयोजनों के लिए मार्ग प्रशस्त करे, अन्यथा स्वतंत्रता सेनानियों के हृदय में बसा भारत धुंधला हो जाएगा। मौलाना कारी मोहम्मद तैयब कासमी ने इस जिम्मेदारी को सर्वप्रथम समझा और इस सराहनीय आयोजन की नींव रखी।”

समारोह का समापन संस्था प्रमुख मौलाना कारी मोहम्मद तैयब कासमी की भावपूर्ण दुआ के साथ हुआ।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में अहसन खान, कॉमरेड मोहम्मद मुस्लिम (दिल्ली), अमीर खान, डॉ. मोहम्मद उमर खान, हाफिज जमाअतुल्लाह, भागीरथ यादव, पूर्व प्रधान शब्बीर अहमद, नज़ीर अहमद, सगीर अहमद, जमाल अहमद, अब्दुर्रहमान, अज़ीजुर्रहमान, घनश्याम यादव, विजय यादव, मोहम्मद क़ासिम, राम बृक्ष यादव, राम मिलन, हर्दयानंद कुशवाहा, अब्दुल क़ादिर, रफ़ीउल्लाह, विनोद चोबे, छोटन (पूर्व प्रधान) और बड़ी संख्या में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे।

 

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