Voice Of News 24
19 Sep 2023 20:27PM
शराब के नशे और मुँह में गुटखा खाये डॉक्टर की भयावह गलती,भारतीय सेना में कार्यरत हैं मृतक नवजात का पिता,सामने ही बच्चे ने तोड़ दिया दम
सिद्धार्थनगर
वाह रे जिला अस्पताल!तेरे नजरअंदाजियाँ कारनामों को किस कदर दिखाया जाय कि यहाँ के बड़े अफसरों और जानलेवा डॉक्टरों को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास हो।सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल की हालत खुद लचर हो चुकी है।यहाँ घाघ और डकैत डॉक्टरों बाहरी सेवाएं देने में खूब मशगूल है।जब देश की रक्षा करने वाले जवानों का परिवार नही सुरक्षित है तो आप अंदाजा लगाइये औरो का क्या हाल होगा?

SSB जवान के पत्नी ने दिया नवजात को जन्म,सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही ने निगल लिया कलेजे का टुकड़ा
जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर के जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र के बनकटा निवासी राज सिंह अपनी पत्नी निधि सिंह को 18 सितम्बर को सुबह प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल लेकर आये दोपहर के बाद उनकी पत्नी ने नवजात(पुत्र) को जन्म दिया और आधी रात को जन्मे बच्चे की तबियत खराब हो गई जिसके बाद उसे एमसीयच वार्ड ले जाया गया जहाँ किसी भी डॉक्टर की मौजूदगी नही थी नर्सो का डेरा बस था,फिर नर्सो ने अपना पल्ला झाड़ते हुए ICU के ले जाने की राह दिखा दी।सहमे परिजन ICU में भी बच्चे को लेकर पहुँच गए लेकिन फिर क्या वहाँ भी नजारा वहीं था,कोई डॉक्टर नही।

गुटखा खाकर वार्ड में ढाई घंटे बाद आया शराबी डॉक्टर,झाड़ लिया पल्लू,कर दिया मेडिकल कॉलेज रेफर

परिजन बच्चे की बिगड़ती हालात को देखकर घबरा गए लेकिन ढाई घंटे बाद वहां ICU के डॉ SN पटेल शराब के नशे के गुटखा खाते हुए आया और उसने अपना पीछा छुड़ाने के लिए बच्चे को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।

बीच रास्ते में ही बच्चे ने तोड़ दिया दम,बेबस मां-बाप मृतक कलेजे के टुकड़े और मायूसी लेकर लौटे वापस
नौ महीने से अपने रूह से तनिक भी अलग न होने दी माँ और खानदान के चिराग की हालत गंभीर देखते हुए परिजनों ने एम्बुलेंस के भरोसे BRD मेडिकल कॉलेज गोरखपुर को निकल दिए लेकिन उन्हें क्या पता?बीच राह में ही उम्मीदों का चिराग बुझ जाएगा और बेबस माँ की गोद सुनी रह जायेगी।

अब कैसे नवजात की जान की कीमत चुका पायेगा शराबी डॉक्टर?या फिर जाँच के बाद दर्ज होगा हत्या का मुकदमा?
जिला अस्पताल पहले से ही विवादों में खूब सुर्खियां और न जाने कितने घरों की उम्मीदों और परिवार के चिरागों को बुझाने में महारत हासिल किया है।सारी उम्मीदों और दुआओं के बेसर और औलाद की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने रोड़ को जाम कर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।उनकी मांग थी कि अब तो नवजात इस दुनिया मे नही रहा लेकिन शराबी और काहिल डॉ एसएन पटेल के खिलाफ जाँच कर कठोर कार्यवाही की जाय,माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल,सदर तहसीलदार और कोतवाल सतीश कुमार सिंह के साथ भारी पुलिस बल तैनात रही।काफी मान-मनौती के बाद परिजनों ने ज्ञापन दिया और बात मानी तब प्रदर्शन शांत हुआ।प्रिंसिपल ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और कार्यवाही होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि अगर मामले के डॉ पटेल की लापरवाही उजागर होती है तो बच्चे की जान की कीमत क्या लगाई जाएगी?क्या जांच में दोषी पाए जाने और निलम्बन के साथ दर्ज होगा हत्या का मुकदमा?या फिर सब कुछ हमेशा की तरह चीनी-पानी-नमक का घोल बना कर पी जायेंगे शातिर जांचकर्ता।
फिलहाल चेहरे पर बेबसी,आँखों मे आँसू और कलेजे पर पत्थर रखकर परिजन अपने घर को चले गए।मामला शांत हो जाने के बाद सदर CO अखिलेश वर्मा मौके पर शांति व्यवस्था कायम होने के बाद पहुँच गया थे।
इतिहास से ही बेदाग नही रहा है इस विभाग का दामन,डिप्टी CMO,डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर भी लदे हैं मुकदमे के बोझ
बीते कुछ दिनों पहले सिद्धार्थनगर के चिकित्सा विभाग के बड़े अधिकारियों का एक निजी अस्पताल के मालिक से रिश्वत लेने का वीडियो जमकर वायरल हुआ था।जिसमे आरोप और प्रत्यारोप CMO के ऊपर भी चढ़ गया था लेकिन अब मामले में नया ट्विस्ट आ गया है और सिध्दार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी बी.के.अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।बांसी कस्बे के निजी अस्पताल संचालक रंजीत कुमार द्वारा घुसकांड में पैसों की लेनदेन का वीडियो वायरल किया गया था।
https://www.youtube.com/watch?v=DHf9CWxR3S0
नोट गिनने का चढ़ा था खुमार ,अब जिंदगी भर नहीं भूलेंगे 420 की गिनती
अब जमीनी हकीकत क्या है ये तो जांच के बाद दूध का दूध पानी का पानी होगा।फिलहाल मामले में धोखाधड़ी,इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट के ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पूर्व DM ने CDO को दिया था जाँच का आदेश,अभी तक टेबल तक नही पहुँची जाँच की पोटली
सिध्दार्थनगर के पूर्व जिलाधिकारी संजीव रंजन ने CDO को इस हाइप्रोफाइल मामले की जाँच दी थी लेकिन खुदा की मर्जी साहब का गैर जनपद तबादला हो गया और नए DM पवन अग्रवाल की तैनाती हो गई।अब यब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि CDO साहब के जाँच के बाद नवागत DM क्या रुख अपनाते हैं।























