भागवत महापुराण सुन भक्ति मय हुआ वातावरण कथा के चतुर्थ दिन राम रस पर झूमे श्रद्धालु कथा श्रोता

Voice of news 24

23Nov2022 23:18PM

धानी बाजार

धानी गांव मंदिर प्रागंण मे चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय श्री मद्ध भागवत कथा महापुराण के  चतुर्थ दिनकथा वाचक पंडित सूर्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि मनुष्य को चाहिये कि वह
शरीर से वाणी से मन से बुद्धि और अहंकार से अनेक जन्मों अथवा एक जन्म की आदतों से स्वभाव वश जो करे वह सब परम पुरुष नारायण के लिए ही है इस भाव से उन्हें सब समर्पण कर दे।
सरल-से-सरल सीधा-सा यही भागवत धर्म है।
आगे की कथा बताते हुवें कहते है जब अर्जुन महाभारत के युद्ध के दौरान युद्ध करने से मना कर रहे थे। तब श्री कृष्ण ने अर्जुन को धर्म और कर्म के सच्चे ज्ञान से अवगत कराया था
उन्होंने कहा जो होने वाला होता है वो होकर ही रहेगा और जो नही होने वाला होगा वो कभी नही होगा ऐसा निश्चय जिसके मन में होता है ऐसे इंसान को चिंता कभी नही सताती है।
जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए उसकी मृत्यु उतनी ही निश्चित है। जितनी मरने वाले व्यक्ति के लिए जन्म लेना इसलिए जो अनिवार्य है उस पर ज्यादा शोक नही करना चाहिए।
श्रीकृष्ण कहते है जब जब इस धरती पर पाप अधर्म और अंहकार बढ़ेगा तब उसका नाश कर फिर से धर्म की स्थापना करने के लिए में अवश्य अवतार लेता रहूंगा। इस दौरान सुधीर मणि त्रिपाठी ईशान शिवम अजय मणि उमेश मणि त्रिपाठी सोनू गुप्ता अभिषेक शुक्ला आकाश सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.