बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण की दिशा में कार्यरत परदादा परदादी एजुकेशनल सोसाइटी ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर बुलंदशहर का मान बढ़ाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।
बुलंदशहर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण की दिशा में कार्यरत परदादा परदादी एजुकेशनल सोसाइटी ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर बुलंदशहर का मान बढ़ाया है। संस्था को प्रतिष्ठित ‘एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग्स 2026-27’ में लगातार दूसरे वर्ष भारत का नंबर-1 परोपकारी विद्यालय घोषित किया गया है। इस गौरवशाली उपलब्धि से संस्था से जुड़े शिक्षकों, छात्राओं और पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल है।
45 बेटियों से शुरू हुआ था सफर
संस्था की सीईओ सपना वर्मा ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वर्ष 2000 में मात्र 45 बालिकाओं के साथ शुरू हुआ यह सफर आज 4,000 से अधिक बेटियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तक पहुंच गया है। उन्होंने इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय सभी सहयोगियों, दानदाताओं और समर्पित टीम को दिया।
संस्था के अध्यक्ष लोकेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है, जो ग्रामीण समाज के विकास और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वहीं, प्रधानाचार्य केके शर्मा ने इसे संस्था के संस्थापक स्वर्गीय वीरेन्द्र सैम सिंह के विजन और पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल बताया।
8,500 से अधिक शिक्षा विशेषज्ञों का सर्वेक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश भर के 8,500 से अधिक शिक्षा विशेषज्ञों के साथ किए गए व्यापक क्षेत्रीय साक्षात्कारों और मूल्यांकन के बाद यह प्रतिष्ठित रैंकिंग प्रदान की गई है। संस्था का मानना है कि बालिकाओं की शिक्षा में किया गया निवेश न केवल उनके बल्कि पूरे समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 24, 2026












