मऊ

मऊ जनपद के किसानों के लिए आलू की खेती और इसके भंडारण को लेकर एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। उद्यान विभाग को किसानों के लिए 100 क्विंटल आलू बीज का आवंटन प्राप्त हुआ है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

मऊ जनपद के किसानों के लिए आलू की खेती और इसके भंडारण को लेकर एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। उद्यान विभाग को किसानों के लिए 100 क्विंटल आलू बीज का आवंटन प्राप्त हुआ है। किसानों को उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। बीज की कीमत लगभग 3,600 से 4,000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। इसके अलावा सरकार चालू वित्तीय वर्ष में खेती, भंडारण और बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
उन्नत किस्में और बुवाई का समय
जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने बताया कि किसानों को चिप्स बनाने के लिए उपयुक्त ‘कुफरी चिप्सोना’ के साथ ‘कुफरी सिंदूरी’ और ‘कुफरी बादशाह’ किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आलू की बेहतर पैदावार के लिए 15 से 25 अक्टूबर के बीच की अवधि बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
किसानों के लिए संचालित प्रमुख योजनाएं
मूल्य अंतर की भरपाई: बाजार में आलू का भाव लागत से कम मिलने पर राहत देने के लिए योजना है। खसरा और बिक्री से जुड़े दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने पर सत्यापन के बाद अंतर की राशि दी जाएगी।
भंडारण पर 10 हजार रुपए तक अनुदान: शीतगृह (कोल्ड स्टोर) में आलू रखने पर प्रति हेक्टेयर 100 क्विंटल के मानक पर अधिकतम 10,000 रुपए (प्रति क्विंटल 100 रुपए) तक का अनुदान दिया जाएगा।
बीज उत्पादन पर सब्सिडी: उन्नत प्रजाति के बीज उत्पादन करने वाले पात्र किसानों को 5,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय से ऑनलाइन पंजीकरण कराकर इन सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
मऊ: आलू की खेती के लिए उद्यान विभाग दे रहा है 10 हजार तक अनुदान; ऐसे उठाएं योजनाओं का लाभ
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 9, 2026












