गोरखपुर

गोरगोरखपुर की रहने वाली अंतर्राष्ट्रीय पहलवान अंशिका यादव ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर देश का मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। हांगकांग में आयोजित इंटरेशनल चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड जीताइसके लिए उन्हें राज्यपाल से भी सम्मानित किया जा चुका है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

खपुर की रहने वाली अंतर्राष्ट्रीय पहलवान अंशिका यादव ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर देश का मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। हांगकांग में आयोजित इंटरेशनल चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड जीताइसके लिए उन्हें राज्यपाल से भी सम्मानित किया जा चुका है। अंशिका अपने गांव की पहली ऐसी लड़की हैं, जिन्होंने पहलवानी की। उनकी काबिलियत को देखते हुए दूसरी लड़कियां भी प्रेरित हुईं। वे भी अब कुश्ती की ट्रेनिंग लेकर उन्हीं की तरह देश के लिए खेलना चाहती हैं।
फिलहाल अंशिका JSW की तहत बेंगलुरु रहकर आगे की प्रैक्टिस में जुटी हैं। अंशिका का कहना है कि मैं गांव की लड़की को कुश्ती में आगे बढ़ाना चाहती हूं, ताकि उनकी पहचान तो बने ही साथ ही आत्मरक्षा भी सीख सकें।पांचवी क्लास से खेलना शुरू किया
चौरी चौरा के छोटे से गांव जमौली बाजार की रहने वाली 17 साल की अंशिका ने बताया कि गांव के ही एक स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। जब वह पांचवीं क्लास में थीं तो उनके स्कूल में कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई थी। जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया। उसी दौरान पर एक छोटा सा दंगल कराया गया।
उस समय अंशिका को कुश्ती के बारें में कुछ नहीं पता था। फिर भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन दिया। और गांव के कब्बडी में जीत हाशिल की उनके खेलने का अंदाज देखकर टीचर्स बहुत खुश हुए। उन्हें लगा कि ये लड़की इस फिल्ड में आगे जा सकती है।गांव के अखाड़ें में लड़ी दंगल
फिर टीचर्स ने अंशिका के पिता से बात की। उस समय पिता यह मानने को तैयार नहीं थे कि एक लड़की को पहलवानी करवाया जाए। फिर उन्हें समझाया गया। पिता ने एक दिन घर से लगभग 3 किलोमीटर दूर बने अखाड़ें में भेजा। जब वे खुद बेटी का प्रदर्शन देखें तब उन्होंने उसे आगे बढ़ाने का मन बना लिया।
अंशिका ने उसी अखाड़ें में काफी समय तक प्रैक्टिस किया। कुश्ती में बढ़ती रूचि को देखते हुए पिता ने अंशिका का स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन करवा दिया। जहां उन्हें पढ़ाई के साथ- साथ कुश्ती की भी बेहतरीन ट्रेनिंग मिली। कोच के सिखाए गए अनुशासन और अपने लगन से अंशिका पहले लोकल लेवल पर खेली। उसके बाद धीरे धीरे वह अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर गई और शानदार तरीके से जीत हासिल की
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