सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के भनवापुर ब्लॉक अंतर्गत विशुनपुर औरंगाबाद गांव के करीब 200 किसानों के सामने इस समय आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के भनवापुर ब्लॉक अंतर्गत विशुनपुर औरंगाबाद गांव के करीब 200 किसानों के सामने इस समय आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राप्ती नदी के उस पार स्थित अपने ही खेतों तक जाने के लिए किसानों को भारी-भरकम आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि नदी पार कराने वाले नाविक ने इस बार ₹400 प्रतिदिन किराया और पूरे वर्ष का किराया अग्रिम (एडवांस) देने की कड़ी शर्त रख दी है, जिससे धान की रोपाई पर संकट मंडराने लगा है।
अनाज के बदले अब नगद और एडवांस की मांग, किसान बेबस
ग्रामीणों और पीड़ित किसानों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से यह पारंपरिक व्यवस्था चली आ रही थी कि फसल तैयार होने पर नाविक को तय मात्रा में अनाज (खलिहानी) दिया जाता था। लेकिन इस बार नाविक द्वारा अचानक बदली गई व्यवस्था और नगद रुपयों की मांग ने आर्थिक रूप से कमजोर किसानों की कमर तोड़ दी है।
किसानों का कहना है कि हर रोज ₹400 देना और सालभर का एडवांस जमा करना उनके बस की बात नहीं है। यदि वे खेतों तक नहीं पहुंच पाए, तो इस सीजन में धान की रोपाई नहीं हो सकेगी और पूरे साल उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।
स्थायी समाधान के लिए पुल निर्माण की मांग
विशुनपुर औरंगाबाद और आस-पास के ग्रामीण लंबे समय से राप्ती नदी पर एक पक्के पुल के निर्माण की मांग शासन-प्रशासन से कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक उन्हें हर साल खेती के सीजन में इसी तरह की दुश्वारियों और शोषण का शिकार होना पड़ेगा। पुल का निर्माण ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने लिखा पत्र, एसडीएम ने दिया आश्वासन
किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं इटवा विधायक माता प्रसाद पाण्डेय ने तत्काल हस्तक्षेप किया है। उन्होंने उपजिलाधिकारी (SDM) डुमरियागंज को एक आधिकारिक पत्र लिखकर मांग की है कि किसानों के हित में प्रशासन की तरफ से तत्काल सरकारी नाव की व्यवस्था कराई जाए ताकि किसानों की खेती प्रभावित न हो।
वहीं, इस मामले पर प्रशासनिक रुख स्पष्ट करते हुए एसडीएम डुमरियागंज विवेकानंद मिश्र ने बताया
“यह पूरा मामला हमारे संज्ञान में आया है। संबंधित नाविक को तलब कर उससे बात की जाएगी और नियमानुसार उचित दरों पर नाव संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रशासन किसानों के साथ है और उनकी इस समस्या का शीघ्र ही व्यावहारिक समाधान निकाल लिया जाएगा।”
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 16, 2026












