शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत पल्टा देवी चौकी क्षेत्र के सीतारामपुर गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और कागजों में हेराफेरी कर उसे बेचने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत पल्टा देवी चौकी क्षेत्र के सीतारामपुर गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और कागजों में हेराफेरी कर उसे बेचने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मुख्य सड़क पर स्थित इस बेशकीमती ग्राम समाज की जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा पिछले एक दशक से दस्तावेजों में हेरफेर और चौहद्दी गलत दर्शाकर धड़ल्ले से खरीद-बिक्री का खेल खेला जा रहा था। स्थानीय निवासी की शिकायत पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
पूरे मामले के अनुसार, सीतारामपुर के मुख्य मार्ग पर स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने और उसे फर्जी तरीके से बेचने की लिखित शिकायत क्षेत्रीय निवासी रविंद्र कुमार ने जिलाधिकारी से की है। शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार का आरोप है कि एक भूमाफिया ने सरकारी जमीन के पास ही कुछ भूमि खरीदी थी। अब वह शातिर व्यक्ति बाहर से आने वाले भोले-भले लोगों को वही सरकारी जमीन दिखाकर बेच रहा है। जमीन की गाटा संख्या और चौहद्दी में जानबूझकर हेरफेर किया जा रहा है ताकि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दिलाया जा सके।
पूर्व DM ने दिया था सरकारी भवन का आदेश, नींव डलते ही फिर शुरू हुआ विवाद
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार आला अधिकारियों से शिकायत की गई थी। पूर्व में की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी राजा गणपति आर. ने ग्राम प्रधान को उक्त विवादित भूमि पर ग्रामीणों के हित के लिए एक सरकारी भवन निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के आदेश पर वहां भवन की नींव भी डाल दी गई थी, लेकिन भूमाफियाओं के हस्तक्षेप के बाद वहां दोबारा विवाद खड़ा हो गया। वर्तमान में उसी सरकारी जमीन पर फिर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से मकान का निर्माण कराया जा रहा था, जिसे शिकायत के बाद फिलहाल रुकवा दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों और शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार की मांग है कि इस पूरे ग्राम समाज की जमीन की पैमाइश कराकर उच्च स्तरीय जांच की जाए। अवैध कब्जाधारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई करते हुए जमीन को तत्काल अवमुक्त कराया जाए, ताकि वहां शासन की मंशानुसार ग्रामीणों के उपयोग के लिए लाभदायक सरकारी भवन का निर्माण कार्य पूरा हो सके।
मामले पर क्या बोले जिलाधिकारी?
इस संवेदनशील और बड़े भू-घोटाले के मामले को लेकर वर्तमान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राजस्व टीम को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और भूमि के अभिलेखों की सघन जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों और भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026













