बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर तहसील अंतर्गत आने वाले गांव राजौर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक मकान का बरामदा अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे के वक्त बरामदे के नीचे बंधे करीब एक दर्जन दुधारू व अन्य पशु मलबे की चपेट में आ गए। अचानक हुए इस हादसे से गांव में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाकर पशुओं को निकाला बाहर
हादसा होते ही स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर नीचे दबे सभी घायल पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता के चलते किसी पशु की जान नहीं गई, हालांकि हादसे में पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रशासनिक अमले ने किया मौका मुआयना
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आ गई। तहसीलदार संजय कुमार, नायब तहसीलदार दीक्षा गौतम, थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार दुबे ने राजस्व टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों का आश्वासन:
“राजस्व टीम को नुकसान का सटीक आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। पीड़ित पशुपालक को नियमानुसार हरसंभव सरकारी और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही घटना के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश भी दे दिए गए हैं।”
डॉक्टरों की टीम ने शुरू किया उपचार
हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए पशुपालन विभाग की एक विशेष टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। डॉक्टरों की टीम ने मलबे से निकाले गए सभी घायल पशुओं का मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ पशु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी विशेष निगरानी और देखभाल की जा रही है।
इस हादसे के बाद से पीड़ित पशुपालक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि इन पशुओं की बदौलत ही उनकी आजीविका चलती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।












