बनियाठेर
संभल जनपद के बनियाठेर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदौसी-कुढ़फतेहगढ़ मार्ग पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संभल जनपद के बनियाठेर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदौसी-कुढ़फतेहगढ़ मार्ग पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ चमरपुरा उर्फ अलहदादपुर चम्मू गांव के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खंदी (गड्ढे) में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार दो महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार लोग घायल हो गए, जिनमें चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, घटना की सूचना देने के डेढ़ घंटे बाद तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।
तेज रफ्तार बनी काल; अनियंत्रित होकर खंदी में समाई कार
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एक कार बेहद तेज गति से कुढ़फतेहगढ़ की ओर से चंदौसी की तरफ जा रही थी। जैसे ही कार चमरपुरा उर्फ अलहदादपुर चम्मू गांव के पास पहुंची, तभी तीव्र गति होने के कारण चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे उतरी और लहराते हुए गहरी खंदी में जाकर पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों ने पेश की इंसानियत की मिसाल, निजी वाहनों से भेजा अस्पताल
हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे और गांव के बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कार के दरवाजे जाम होने के कारण लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद कार में फंसे दो महिलाओं, एक मासूम बच्चे और चालक समेत चारों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में कार चालक को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस और एम्बुलेंस के इंतजार में समय न गंवाते हुए ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की और घायलों को निजी वाहनों की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार जारी है।
डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस, थाना प्रभारी सचिन कुमार की कार्यशैली पर उठे सवाल
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि दुर्घटना के तुरंत बाद बनियाठेर थाना प्रभारी सचिन कुमार को मामले की सीधी सूचना दी गई थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटा बीत जाने तक भी कोई पुलिसकर्मी या सरकारी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि यह हादसा और अधिक गंभीर होता या घायलों को तुरंत अस्पताल न भेजा जाता, तो समय पर पुलिसिया मदद न मिलने से किसी की जान भी जा सकती थी। लोगों ने सड़क हादसों जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही की कड़े शब्दों में निंदा की है।
इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चंदौसी-कुढ़फतेहगढ़ मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन गति सीमा पर अंकुश लगाने या पावर हाउस व गांवों के मोड़ों के पास स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है और मामले की आगामी विधिक जांच जारी है।
आज शुक्रवार सुबह 11:00 बजे ठूठीबारी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा धरमौली निवासी जितेंद्र कनौजिया (33 वर्ष) पुत्र अकलू कनौजिया ने संदिग्ध परिस्थितियों में खाया विषाक्त पदार्थ। आनन-फानन में एंबुलेंस द्वारा लाया गया सीएचसी निचलौल, जहां हालत बिगड़ते देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल भेजा। pic.twitter.com/KyMAa7xEJP
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 22, 2026























