महराजगंज: ईंधन संकट के विरोध में भाकियू की अनोखी ‘ठेला यात्रा’; ठेले पर बाइक लादकर सड़क पर उतरे किसान, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

महराजगंज

महराजगंज जनपद में पिछले कई दिनों से जारी पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग से त्रस्त किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद में पिछले कई दिनों से जारी पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग से त्रस्त किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है। ईंधन संकट के विरोध में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और सरकार को जगाने के लिए एक बेहद अनोखा प्रदर्शन किया। भाकियू के जिलाध्यक्ष राम अशीष के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने सड़क पर ‘ठेला यात्रा’ निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और जल्द से जल्द तेल की नियमित सप्लाई बहाल करने की मांग की।

ठेले पर लादी मोटरसाइकिल, मुजरी मार्ग से सक्सेना चौराहे तक निकाला जुलूस

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय किसान सुबह मुजरी मार्ग पर एकत्रित हुए। किसानों ने एक चालू मोटरसाइकिल को बाकायदा एक हाथ-ठेले पर लाद दिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष राम अशीष के नेतृत्व में किसान उस ठेले को खींचते हुए मुजरी मार्ग से रवाना हुए और गगनभेदी नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख सक्सेना चौराहे तक पहुंचे। सड़क पर ठेले पर लदी बाइक और उसके पीछे चलते आक्रोशित किसानों को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

खरीफ सीजन की शुरुआत में थमे ट्रैक्टरों के पहिए, किसान बेहाल

प्रदर्शन के दौरान सक्सेना चौराहे पर किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष राम अशीष ने कहा, “जनपद में पिछले कई दिनों से डीजल और पेट्रोल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन लगाने के बाद भी किसानों को तेल नहीं मिल रहा है। इस समय खरीफ के नए कृषि सीजन की शुरुआत हो चुकी है, खेतों की जुताई, नर्सरी की तैयारी और सिंचाई का काम पूरी तरह से डीजल इंजनों और ट्रैक्टरों पर निर्भर है। लेकिन ईंधन न मिलने से खेती-किसानी का काम पूरी तरह ठप हो गया है।

किसानों ने आरोप लगाया कि समय से बारिश न होने के कारण उन्हें पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है, लेकिन जिले के अधिकांश पंपों से डीजल गायब है। यदि जल्द ही ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कराई गई, तो आगामी फसलों की बुवाई पिछड़ जाएगी, जिससे अन्नदाताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

 

भाकियू नेताओं ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अधिकारी केवल कागजी दावों में तेल की उपलब्धता दिखा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि किसान बूंद-बूंद तेल के लिए भटक रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर महराजगंज के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की नियमित और पर्याप्त सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन पूरे जिले में चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन के अंत में किसानों ने प्रशासनिक अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

 

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