डिबाई: भाषा समर कैंप में छात्राओं ने सीखे वाद्य यंत्रों, मसालों और सब्जियों के बहुभाषी नाम; चार्ट प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा

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बुलंदशहर जनपद में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पलाकसेर में चल रहे समर कैंप के चौथे दिन छात्राओं को भाषा और संस्कृति के अनूठे संगम से रूबरू कराया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पलाकसेर में चल रहे समर कैंप के चौथे दिन छात्राओं को भाषा और संस्कृति के अनूठे संगम से रूबरू कराया गया। भाषा समर कैंप के अंतर्गत छात्राओं ने न केवल स्थानीय वाद्य यंत्रों की बारीकियों को समझा, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले मसालों, सब्जियों और फलों के नाम हिंदी के अलावा अन्य क्षेत्रीय व प्राचीन भाषाओं में भी सीखे।

संस्कृत, पंजाबी और गढ़वाली भाषा में जाना सब्जियों का नाम

शिविर के चतुर्थ दिवस पर छात्राओं को बहुभाषी ज्ञान देने के उद्देश्य से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने विभिन्न सब्जियों, फलों और स्थानीय वाद्य यंत्रों के नाम हिंदी के साथ-साथ संस्कृत, पंजाबी और गढ़वाली भाषा में सीखे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा छात्राओं को यह भी प्रयोगात्मक रूप से सिखाया गया कि विभिन्न वाद्य यंत्रों को किस प्रकार बजाया जाता है और अन्य संस्कृतियों में उनका क्या महत्व है।

मसालों की थैली से सजाए आकर्षक चार्ट पेपर

कैंप में छात्राओं को रसोई में उपयोग होने वाले विभिन्न मसालों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस ज्ञान को रचनात्मक रूप देने के लिए छात्राओं ने चार्ट पेपर पर असली मसालों को छोटी-छोटी थैलियों में पैक करके चिपकाया और उनके नाम लिखे। चार्ट प्रतियोगिता में अंजलि, नेहा, अदीबा और दीप्ति आदि छात्राओं ने बेहद आकर्षक और ज्ञानवर्धक चार्ट बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

अभावों को दूर कर जीवनोपयोगी बन रहा कैंप: प्रधानाचार्य

प्रभारी प्रधानाचार्य अखलेश कुमार ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “आज के इस आधुनिक और भौतिक युग में बच्चे बाजार से डिब्बाबंद चीजें तो लाते हैं, लेकिन वे सब्जियों के वास्तविक नाम और कौन सा मसाला किस काम आता है, इसके ज्ञान से अछूते रह जाते हैं। इस समर कैंप के माध्यम से छात्राओं में इसी व्यावहारिक ज्ञान के अभाव को दूर किया जा रहा है। यह कैंप वास्तव में उनके व्यावहारिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।”

इन शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान

समर कैंप को सफल और रोचक बनाने में विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान लक्ष्मीकांत, दिनेश चंद, प्रमोद कुमार सिंह, वीर प्रताप सिंह, अवधेश कुमार, हरेंद्र सिंह, अजय यादव, इकरा तस्दीक और काजल राघव की सक्रिय भूमिका और सहयोग सराहनीय रहा।

 


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