बांसी: 100 दिवसीय अभियान से टीबी मुक्त होगा क्षेत्र; आंगनवाड़ी और शिक्षकों ने संभाली जन-जागरूकता की कमान

बांसी

सिद्धार्थनगर जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार के टीबी मुक्त भारत संकल्प को साकार करने के लिए बांसी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार के टीबी मुक्त भारत संकल्प को साकार करने के लिए बांसी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 24 मार्च से शुरू हुए 100 दिवसीय विशेष टीबी मुक्त अभियान’ के तहत स्क्रीनिंग, प्रशिक्षण और जन-संपर्क का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

रणनीतिक बैठक और विशेष प्रशिक्षण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार रंजन के नेतृत्व में गुरुवार को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकें की गईं।

आंगनवाड़ी प्रशिक्षण: बाल विकास परियोजना अधिकारी नीलम वर्मा की मौजूदगी में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया गया। इन्हें घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान करने और ग्रामीणों को लक्षणों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है।

शिक्षकों की भूमिका: खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक हुई, जहाँ डॉ. रंजन ने कहा कि शिक्षक इस संदेश को हर घर तक पहुँचाने में सबसे सशक्त माध्यम हैं।

स्कूली बच्चों को स्वच्छता का पाठ

अभियान के तहत पीएम श्री कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, अशोक नगर में बच्चों को टीबी से बचाव की जानकारी दी गई। इस दौरान ‘हैंड वाशिंग’ का लाइव डेमो देकर बच्चों को समझाया गया कि स्वच्छता और श्वसन स्वास्थ्य का आपस में गहरा संबंध है।

इन श्रेणियों की होगी प्राथमिकता पर स्क्रीनिंग

डॉ. राजीव कुमार रंजन ने बताया कि 100 दिनों के इस सघन अभियान में निम्नलिखित संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

पुराने मरीज: वे लोग जो पहले टीबी से ग्रसित रह चुके हैं।

गंभीर बीमारी वाले: मधुमेह एचआईवी या कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्र: जहाँ वेंटिलेशन की कमी हो और कम जगह में अधिक लोग रहते हों।

बुजुर्ग: 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति जिन्हें लंबे समय से खांसी हो।

निक्षय पोषण योजना का लाभ

अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विभाग का लक्ष्य केवल मरीजों की पहचान करना नहीं है, बल्कि उन्हें ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत मुफ्त दवाएं और पोषण हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बांसी के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाएं। इस दौरान एसटीएलएस चंदन सिंह और वैभव श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

 

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