बलिया
बलिया जनपद में पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत की गूंज उत्तर प्रदेश के बागी बलिया में भी जोरदार तरीके से सुनाई दी।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत की गूंज उत्तर प्रदेश के ‘बागी बलिया’ में भी जोरदार तरीके से सुनाई दी। सोमवार को चुनाव परिणाम सामने आने के बाद नगर स्थित प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के कैंप कार्यालय (नारायणी सिनेमा) पर कार्यकर्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में बंगाल की संस्कृति को याद करते हुए जीत का आनंद साझा किया।
बंगाल के झाल-मुढ़ी और रसगुल्लों से मनाया उत्सव
मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुज और भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस विजयोत्सव में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र ‘झाल-मुढ़ी’ का स्टाल रहा। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बंगाल के मशहूर रसगुल्ले खिलाकर जीत की बधाई दी। इस दौरान समर्थकों ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तंज कसते हुए जमकर आतिशबाजी की। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” और “मोदी-योगी जिंदाबाद” के नारों से पूरे इलाके को गुंजायमान कर दिया।
विकास की राजनीति की हुई जीत धर्मेंद्र सिंह
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि बंगाल और असम के नतीजों ने साबित कर दिया है कि जनता का अटूट विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों में है। उन्होंने कहा:
बंगाल अब पूरी तरह भगवामय हो गया है। वहां की जनता ने तानाशाही को नकार कर विकास को चुना है। यह जीत उन लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने ज़मीनी स्तर पर लड़ाई लड़ी।
बागी बलिया में दिखी बंगाल चुनाव की धमक
स्थानीय नेताओं का कहना है कि बंगाल की राजनीति का असर हमेशा से बलिया में देखा जाता रहा है, और इस बार भाजपा की बढ़त ने यहां के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। इस दौरान यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बंगाल में ‘ममता युग’ के साथ उनकी राजनीति का अंत हो गया है।
इस भव्य जश्न में नगर अध्यक्ष सोनी तिवारी, कृष्णा पांडेय, विवेक सिंह, राजेश गुप्ता, श्याम जी रौनियार, सूरज सिंह, मिथिलेश सिंह, आलोक सिंह सहित भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अम्बेडकरनगर नरसंहार का खौफनाक सच: कातिल आमिर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, मां बेगुनाह थी, संपत्ति और सनक के लिए बुझा दिए 5 चिरागhttps://t.co/2OwgC7WO3F
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 4, 2026






















