बलिया: सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में फिसड्डी विभागों पर डीएम का चाबुक, महिला एवं बाल विकास को ‘D’ ग्रेड मिलने पर जताया भारी रोष

बलिया

बलिया जनपद में विकास कार्यों की धीमी गति और सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह बेहद सख्त नजर आए।
पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद में विकास कार्यों की धीमी गति और सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह बेहद सख्त नजर आए। सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने विभागों की लचर कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रैंकिंग में गिरावट पर सख्त निर्देश

समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का आकलन किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण विभाग ‘A’ श्रेणी से बाहर पाए गए:

B रैंकिंग वाले विभाग: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, ग्राम्य विकास विभाग, मुख्यमंत्री आवास योजना, फैमिली आईडी, पंचायती राज, पर्यटन विभाग और जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग को B रैंकिंग मिली है। डीएम ने इन्हें तत्काल सुधार कर A’ श्रेणी में आने के निर्देश दिए।

जननी सुरक्षा योजना : स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना को C श्रेणी मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

महिला एवं बाल विकास विभाग (D रैंकिंग): सबसे खराब प्रदर्शन महिला एवं बाल विकास विभाग का रहा। ‘D’ रैंकिंग मिलने पर डीएम ने विशेष असंतोष व्यक्त करते हुए विभाग को सारा डेटा तत्काल पोर्टल पर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया।

लापरवाह कार्यदायी संस्था को नोटिस

जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद के 9 विद्यालयों के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था ‘आवास विकास प्रोजेक्ट अलंकार’ को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की स्वीकृति मार्च माह में मिल चुकी है, उनका निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए।

विकास कार्यों में तेजी लाने की चेतावनी

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाले कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी। उन्होंने कहा कि डैशबोर्ड पर रैंकिंग केवल आंकड़े नहीं, बल्कि धरातल पर हो रहे कार्यों का प्रमाण है, इसलिए अधिकारी फील्ड में उतरकर काम करें।

 

Voice Of News 24