महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर ईंधन का हाहाकार, सुबह 4 बजे से पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारें

ठूठीबारी

महराजगंज जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग सुबह होने से पहले ही पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ रहे हैं। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के राजाबारी स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह 4 बजे से ही गाड़ियों का तांता लग जा रहा है, जो दिन ढलने तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।

इन क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक विकराल

सीमावर्ती क्षेत्र के राजाबारी, कोहरगड्डी, और परसा मालिक सहित आसपास के अन्य पेट्रोल पंपों पर ईंधन के लिए मारामारी मची हुई है। घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद स्टॉक खत्म होने के कारण कई लोगों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

किसानों और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी मुसीबतें

ईंधन संकट का सबसे बड़ा प्रहार खेती-किसानी पर पड़ा है। वर्तमान कृषि सीजन में डीजल की कमी के कारण किसान सिंचाई और अन्य कार्यों के लिए परेशान हैं। वहीं, रोजाना काम पर निकलने वाले नौकरीपेशा और व्यवसायी लोग अपना काम छोड़कर दिनभर पंपों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वैकल्पिक साधनों की कमी ने ग्रामीणों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है।

सप्लाई में कमी या मांग में वृद्धि?

पेट्रोल पंप संचालकों का तर्क है कि डिपो से उन्हें पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। मांग की तुलना में स्टॉक कम होने के कारण चंद घंटों में ही ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड लग जाता है। दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपूर्ति सुचारू करने के लिए संबंधित तेल कंपनियों और अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है।

चेतावनी: ठप हो सकती है परिवहन व्यवस्था

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कृषि कार्य और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में ईंधन की यह कमी एक गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है।

 

 

Voice Of News 24