निघासन: शिक्षा के मंदिर बने ‘लूट के अड्डे’, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से कंगाल हो रहे अभिभावक

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन और उचौलिया क्षेत्र में नए शैक्षणिक सत्र के आगाज के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की ‘खली लूट’ शुरू हो गई है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन और उचौलिया क्षेत्र में नए शैक्षणिक सत्र के आगाज के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की ‘खली लूट’ शुरू हो गई है। योगी सरकार के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारों के बीच, क्षेत्र के दर्जनों निजी विद्यालय शिक्षा की आड़ में व्यापार का केंद्र बन चुके हैं। री-एडमिशन और मनमानी फीस के नाम पर अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।

फिक्स्ड दुकानों से सेटिंग: कॉपी-किताबों पर मची है खुली लूट

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों ने चुनिंदा पुस्तक विक्रेताओं और ड्रेस की दुकानों से सांठगांठ कर रखी है। बाजार में जो स्टेशनरी 20% डिस्काउंट पर उपलब्ध है, वही इन ‘अधिकृत’ दुकानों पर दोगुनी कीमत और ‘नो डिस्काउंट’ की नीति पर बेची जा रही है। जूते से लेकर कॉपियों तक, सब कुछ तय दुकान से खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवार आर्थिक रूप से टूट चुके हैं।

जिम्मेदार मौन: कब जागेगा शिक्षा विभाग?

हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी सब कुछ जानकर भी अंजान बने हुए हैं। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि महंगी किताबों के बोझ तले दबकर कई बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “अभिभावक कंगाल और अध्यापक मालामाल” हो रहे हैं। यदि शासन-प्रशासन ने इन भ्रष्ट प्रबंधकों और दुकानदारों पर तत्काल नकेल नहीं कसी, तो जल्द ही सोशल मीडिया के माध्यम से इन लुटेरे स्कूलों के नामों का पर्दाफाश किया जाएगा।

 

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