औरैया: ‘रक्तरंजित भारत’ पुस्तक पर विद्वानों का मंथन; पीएफआई और आतंकवाद की चुनौतियों पर दी चेतावनी

औरैया

औरैया जनपद के नगर पंचायत सभागार में ‘प्रज्ञा प्रवाह’ (ब्रह्मावर्त परिषद) द्वारा आयोजित विशेष परिचर्चा में चर्चित पुस्तक ‘रक्तरंजित भारत’ पर गहन विचार-विमर्श किया गया। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

औरैया जनपद के नगर पंचायत सभागार में ‘प्रज्ञा प्रवाह’ (ब्रह्मावर्त परिषद) द्वारा आयोजित विशेष परिचर्चा में चर्चित पुस्तक ‘रक्तरंजित भारत’ पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में विद्वानों ने पीएफआई (PFI) की कार्यप्रणाली और देश के सामने खड़े आंतरिक सुरक्षा के खतरों पर प्रकाश डाला।

मुख्य समीक्षक प्रोफेसर रजत दुबे ने पुस्तक के माध्यम से आतंकवाद के विभिन्न आयामों को साझा किया। वहीं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक व लेखक विनय सिंह ने ऑनलाइन जुड़कर बताया कि यह पुस्तक PFI और सिमी जैसे संगठनों के इतिहास को उजागर करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये संगठन अब तकनीक और आधुनिक विज्ञान के जरिए नए रूप में उभरने का प्रयास कर रहे हैं।

दूसरे सत्र में ‘भारत का विभाजन क्यों हुआ’ विषय पर डॉ. अनुरुद्ध प्रताप भंवर और प्रो. कौशलेन्द्र तिवारी सहित कई शोधकर्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि एक सजग और सक्रिय समाज की भी बड़ी भूमिका है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किया और अंत में कवि अरुण दीक्षित के काव्य पाठ के बाद जिला संयोजक आशीष मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।

 

 

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