फरेंदा: विकास के दावों के बीच खस्ताहाल सड़कें, दर्जनों गांवों में ग्रामीण ‘पथरीले’ सफर को मजबूर

महराजगंज

महराजगंज जनपद के फरेंदा विकासखंड के दर्जनों गांवों में आज भी पक्की सड़कें एक सपना बनी हुई हैं। कम्हरिया खुर्द, मथुरानगर और सेमराडाड़ी जैसे 10 से अधिक गांवों के निवासी टूटे खड़ंजों और कीचड़ भरे रास्तों पर चलने को विवश हैं।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


महराजगंज जनपद के फरेंदा विकासखंड के दर्जनों गांवों में आज भी पक्की सड़कें एक सपना बनी हुई हैं। कम्हरिया खुर्द, मथुरानगर और सेमराडाड़ी जैसे 10 से अधिक गांवों के निवासी टूटे खड़ंजों और कीचड़ भरे रास्तों पर चलने को विवश हैं।

सड़कों की इस बदहाली का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीण देवेंद्र पांडेय और सरिता देवी का कहना है कि ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण बच्चे अक्सर साइकिल से गिरकर चोटिल हो जाते हैं। मेडिकल इमरजेंसी और कृषि उत्पादों को बाजार तक ले जाने में भी किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हैरानी की बात यह है कि PMGSY जैसी बड़ी योजनाओं के बावजूद भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण काम अधूरा पड़ा है। हालांकि, खंड विकास अधिकारी (BDO) का कहना है कि नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन धरातल पर कब उतरता है।

 

 

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