रामघाट: प्राचीन संस्कृत विद्यालय में यज्ञ और रासलीला का भव्य शुभारंभ

बुलन्दशहर

बुलन्दशहर जनपद के पौराणिक तीर्थ नगरी रामघाट स्थित प्राचीन संस्कृत विद्यालय परिसर में बुधवार को यज्ञ एवं भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलन्दशहर जनपद के पौराणिक तीर्थ नगरी रामघाट स्थित प्राचीन संस्कृत विद्यालय परिसर में बुधवार को यज्ञ एवं भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सुरेन्द्रानंद गिरी महाराज ने फीता काटकर किया। इस दौरान विद्यालय परिवार और पदाधिकारियों ने पुष्प मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया।

संस्कारों की जननी है संस्कृत: महामंडलेश्वर

जनसमूह को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि गुरुकुल परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जोर देते हुए कहा

“संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि संस्कारों की जननी है। यहीं से निकले धर्माचार्य समाज में हिंदुत्व और धर्म का प्रचार-प्रसार करते हैं। सरकार को गुरुकुल पद्धति से छेड़छाड़ करने के बजाय इन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।”

भक्ति के रस में डूबा रामघाट

मंचन के पहले दिन कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण रासलीला को देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। यज्ञ की आहुतियों और धार्मिक भजनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से रामघाट चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

इस अवसर पर दीपक उनियाल, विनीत अवस्थी, भीम सेन आचार्य, रामसेवक शर्मा और गोपाल मास्टर सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

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