बलरामपुर :पंजाब नेशनल बैंक महाघोटाला 12 करोड़ की ‘लूट’ का मास्टरमाइंड विनय शर्मा लखनऊ से गिरफ्तार, ऐसे होता था फर्जीवाड़ा

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद में पंजाब नेशनल बैंक की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ 03 लाख रुपये के सनसनीखेज गबन मामले में बलरामपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद में पंजाब नेशनल बैंक की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ 03 लाख रुपये के सनसनीखेज गबन मामले में बलरामपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने बैंक के तत्कालीन ‘लोन अप्रूवर अधिकारी’ विनय शर्मा को लखनऊ के चिनहट से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी पर 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह इस पूरे सिंडिकेट का एक मुख्य स्तंभ था।

फर्जी LIC पॉलिसी और ‘लेंस’ सॉफ्टवेयर का खेल

पुलिस पूछताछ में विनय शर्मा ने घोटाले की जो ‘मोडस ऑपेरंडी’ (काम करने का तरीका) बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया।

विनय शर्मा बैंक में लेवल एस-1 अप्रूवर था। वह बैंक के ‘लेंस सॉफ्टवेयर’ में फर्जी एलआईसी (LIC) पॉलिसी नंबर फीड करता था ताकि लोन की फाइल सिस्टम में वैध दिखे।

प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी फाइल को ‘फाइनल अप्रूवल’ देते थे।

स्वीकृत लोन की रकम सीधे पीएसपी कंस्ट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह और उसके करीबियों के खातों में भेज दी जाती थी।

विभागीय जांच और पुलिस तफ्तीश में गबन की राशि का पूरा ब्योरा सामने आया है 46 फर्जी खातों के जरिए 8.09 करोड़ रुपये निकाले गए। 40 खातों के माध्यम से 3.93 करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई। इस तरह जालसाजों ने बैंक को कुल 12,03,37,000 रुपये की चपत लगाई।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। ज्ञात हो कि इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, मुख्य साजिशकर्ता समरजीत सिंह और संतोष कुमार सिंह को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

पुलिस अब फरार चल रहे अन्य सहायक बैंक कर्मियों और निजी फर्म से जुड़े सहयोगियों की तलाश में जुटी है। साथ ही गबन की गई इस मोटी रकम की रिकवरी के लिए आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है।

 

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