महराजगंज : रिश्वतों की कुंडी में टंगी न्याय की तख्ती, क्या पैसों से मिटाई जा सकती है गुनाहों की लकीर? 50 हजार रुपये रिश्वत लेते दरोगा के गिरफ्तार पर उठें सवाल

महराजगंज 

थाना कोतवाली महराजगंज में तैनात उप-निरीक्षक मोहम्मद अशरफ खान को एंटी करप्शन टीम द्वारा 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

थाना कोतवाली महराजगंज में तैनात उप-निरीक्षक मोहम्मद अशरफ खान को एंटी करप्शन टीम द्वारा 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार उप निरीक्षक गाजीपुर जिले के जमानिया थाना अंतर्गत रामपुर कुकआंक के रहने वाले हैं।

एक परिवार, जो इस उम्मीद और विश्वास से प्रशासन का सहारा लेता है कि उस पर हो रहे अत्याचार और परेशानियों की गुत्थी निष्पक्षता और पारदर्शिता पूर्वक सुलझ सके, लेकिन जब वही प्रशासन द्वारा रिश्वत और अन्य लुभावनी बातों में आकर पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय फैसले को पैसे के पलड़े में रख दिया जाता है तो वास्तव में उस पीड़ित की न केवल प्रशासन के ऊपर से विश्वास उठ जाता है, बल्कि वह हिम्मत हारकर कुछ किए बिना ही अपने आप को कसुरवार समझने लगता है।

उक्त घटनाक्रम का खुलासा हो गया तो उम्मीद है कि मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता जरुर झलकेगी, लेकिन उन मामलों का क्या होगा? जिसे रिश्वतों के पलड़े में न्याय को तौल दिया जाता है। ऐसे बहुत सारे मामले आतें हैं, जिनमें पीड़ित को न्याय नहीं मिलता है तो वह आत्मदाह की दहलीज तक भी पहुंच जाता है। न्याय न मिलने के सबसे बड़े कारणों में से रिश्वत विशेष होता है।

अब सवाल यह है कि,जिस देश में न्याय पैसों में बिकेगा और गुनहगार छाती ठोककर पीड़ित के सामने घूमता फिरेगा,उस देश में संविधान के महत्वत्ता की कल्पना की जा सकती है।

फ़िलहाल पुलिस ने रिश्वतखोर दरोगा को गिरफ्तार कर रिश्वत और न्याय के बीच के संबंधों की मजबूती को ढीला कर दिया है, जिससे अन्य अधिकारी एवं प्रशासनिक कर्मचारी रिश्वत लेने से पहले सैकड़ों बार सोचेंगे।

Voice Of News 24

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