सिद्धार्थनगर: अवैध अस्पतालों और फर्जी क्लीनिकों पर प्रशासन का सर्जिकल स्ट्राइक; शिवा पैथोलॉजी और मॉडर्न डेंटल सेंटर सील

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों, पैथोलॉजी और क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों, पैथोलॉजी और क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के सख्त तेवरों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और महज 24 घंटे के भीतर फर्जी स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला जड़ना शुरू कर दिया।

नोडल अधिकारी बदलते ही एक्शन में विभाग

जिलाधिकारी के निर्देश पर हाल ही में डॉ. एम.एम. त्रिपाठी को नैदानिक स्थापना (Clinical Establishment) का नया नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पदभार संभालते ही गुरुवार को डॉ. त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ सघन छापेमारी अभियान छेड़ दिया, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही थी शिवा पैथोलॉजी

अभियान की शुरुआत खुनियांव ब्लॉक के टेकवया गांव से हुई। यहाँ संचालित शिवा पैथोलॉजी की जब जांच की गई, तो पाया गया कि इसके पास कोई वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) नहीं था। मानकों की धज्जियां उड़ाकर चलाई जा रही इस पैथोलॉजी को टीम ने तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।

बिना डिग्री के उखाड़े जा रहे थे दांत; क्लीनिक सील

इसके बाद टीम इटवा तहसील के मॉडर्न डेंटल सेंटर पहुँची। यहाँ जो स्थिति मिली वह चौंकाने वाली थी।

फर्जीवाड़ा: क्लीनिक का न तो पंजीकरण था और न ही इलाज करने वाले व्यक्ति के पास दंत चिकित्सा की कोई वैध डिग्री थी।

कड़ी कार्रवाई: इटवा के नायब तहसीलदार की मौजूदगी में महेंद्र कुमार और पंकज त्रिपाठी के साथ टीम ने इस फर्जी डेंटल क्लीनिक को सील कर दिया।

DM के कड़े रुख का असर

गौरतलब है कि पिछले दिनों अवैध अस्पतालों के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया था, जिसे मीडिया द्वारा प्रमुखता से उजागर किया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने सीएमओ डॉ. राजकुमार चौरसिया को जवाबदेही तय करने और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में 24 दिसंबर को नोडल अधिकारी में बदलाव कर यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार चौरसिया ने कहा कि यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। जो भी अस्पताल या क्लीनिक मानकों को पूरा नहीं करेंगे या अवैध रूप से संचालित होंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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