“विधायक बड़ा या सांसद?”— पंकज चौधरी की नियुक्ति पर अखिलेश यादव का तीखा प्रहार, बताया PDA को नीचा दिखाने का तरीका

लखनऊ

उत्तर प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोर्चा खोल दिया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने भाजपा की इस रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ (PDA) समाज का अपमान बताया है।

अखिलेश यादव का ‘तर्क’ बनाम ‘भाजपा की रणनीति’

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा के पिछले और वर्तमान सांगठनिक ढांचों की तुलना करते हुए लिखा:

“5 बार के MLA को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, और अब 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष बनाया गया है। विधायक बड़ा या सांसद? इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है।”

उनका इशारा इस ओर था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (जे.पी. नड्डा/भूपेंद्र यादव के संदर्भ में चर्चा) और अब यूपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्तियों में पार्टी ने कद और पद के प्रोटोकॉल को उलझा दिया है।

PDA समाज को नीचा दिखाने का आरोप

 

 

अखिलेश यादव ने इस नियुक्ति को सामाजिक न्याय की लड़ाई से जोड़ते हुए इसे ‘वर्चस्ववादी’ मानसिकता का परिणाम बताया। उन्होंने लिखा:

प्रभुत्ववादी संदेश: अखिलेश का आरोप है कि भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि पिछड़े समाज का नेता चाहे कितना भी अनुभवी (7 बार का सांसद) क्यों न हो, वह ‘वर्चस्ववादियों’ के आगे नहीं बढ़ सकता।

PDA का संकल्प: उन्होंने दोहराया कि भाजपा का यह तरीका PDA समाज को नीचा दिखाने का है, लेकिन अब PDA समाज अपनी खुद की सरकार बनाकर इसका जवाब देगा।

सियासी गलियारों में हलचल

पंकज चौधरी (कुर्मी समाज) को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पूर्वांचल के बड़े ओबीसी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। अखिलेश यादव का यह बयान इसी ‘ओबीसी कार्ड’ की काट के रूप में देखा जा रहा है। सपा प्रमुख यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा पिछड़ों को पद तो देती है, लेकिन उन्हें उचित सम्मान और अधिकार नहीं देती।

“वर्चस्ववादियों के आगे PDA समाज नहीं बढ़ सकता। अपनी PDA सरकार बनाएगा PDA समाज।” — अखिलेश यादव

 


Voice Of News 24