अयोध्या: सदियों की ‘प्रतीक्षा-साधना’ हुई पूरी, PM मोदी ने राम मंदिर शिखर पर फहराई धर्म ध्वजा

अयोध्या

नव्य-भव्य श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित दिव्य राममंदिर के इतिहास में आज मंगलवार को एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

नव्य-भव्य श्रीराम जन्मभूमि पर निर्मित दिव्य राममंदिर के इतिहास में आज मंगलवार को एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 161 फीट ऊंचे आकाशचुंबी शिखर पर केसरिया धर्मध्वजा का विधिवत आरोहण किया।

लगभग दो किलोग्राम वजनी यह केसरिया ध्वजा जब शिखर पर लहराई, तो यह क्षण मानो सदियों से चल रही ‘प्रतीक्षा-साधना’ के पूर्ण विराम का दिव्य उद्घोष बन गया।

पूर्णता का दिव्य उद्घोष

यह ध्वजारोहण इस बात का आधिकारिक संदेश है कि राम मंदिर का भव्य निर्माण कार्य अब पूर्ण हो चुका है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, मंदिर के शिखर पर ध्वज फहरना दिव्यता, सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वर की उपस्थिति का प्रतीक होता है।

पवित्र पल में उपस्थिति: इस पवित्र क्षण में प्रधानमंत्री मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संत समाज तथा वहां उपस्थित सभी भक्तजनों की आंखें श्रद्धा और भावनाओं से भर उठीं।

शुभ मुहूर्त: ध्वजारोहण का यह अनुष्ठान विवाह पंचमी के अत्यंत शुभ अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुआ, जिसे ज्योतिष में किसी भी शुभ कार्य के लिए सबसे शक्तिशाली समय माना जाता है।

सनातन के स्वर्णाक्षरों में अंकित हुई तिथि

राम मंदिर के संघर्ष और निर्माण से जुड़ी ऐतिहासिक तिथियों— 9 नवंबर 2019 (सुप्रीम कोर्ट का फैसला), 5 अगस्त 2020 (शिलान्यास) और 22 जनवरी 2024 (प्राण प्रतिष्ठा) — के साथ अब 25 नवंबर 2025 की तिथि भी सनातन धर्म के स्वर्णाक्षरों में हमेशा के लिए अंकित हो गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह धर्मध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है और सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार स्वरूप है।

यह क्षण अयोध्या के संत समाज और समस्त राम भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय, हृदयस्पर्शी तथा युगांतकारी अवसर बन गया।

 

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