महराजगंज: बारीगांव का शनिदेव मंदिर बना श्रद्धा का केंद्र, भक्तों की उमड़ती है भारी भीड़

परतावल, महराजगंज

महराजगंज जनपद के ग्राम सभा बारीगांव में पिछले पांच वर्षों से निर्मित हो रहा भगवान शनिदेव मंदिर अब क्षेत्र और दूर-दराज के भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के ग्राम सभा बारीगांव में पिछले पांच वर्षों से निर्मित हो रहा भगवान शनिदेव मंदिर अब क्षेत्र और दूर-दराज के भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मंदिर परिसर में एक वर्ष पूर्व नीम करौली बाबा और मां गौरी की मूर्तियों की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी, जिसके बाद इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ गई है।

पर्ची बॉक्स में भक्त लिखते हैं मनोकामनाएं

मंदिर में हर शनिवार और मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। भक्तजन गहरी आस्था के साथ यहां आते हैं और अपनी इच्छाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।

मंदिर की एक विशेष प्रथा है ‘पर्ची बॉक्स’, जिसमें श्रद्धालु अपने नाम के साथ अपनी मनोकामनाएं लिखकर डालते हैं। मंदिर के पुजारी विवेक कृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि अनेक भक्तों की मनोकामनाएं भगवान शनिदेव और नीम करौली बाबा की कृपा से पूरी हो चुकी हैं। मनोकामना पूरी होने पर भक्त दोबारा आकर भगवान को नमन करते हैं और मंदिर के सेवा कार्यों में योगदान देते हैं।

एकता और आस्था का प्रतीक

मंदिर निर्माण की प्रेरणा के बारे में नीरज कृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि भगवान शनिदेव का विचार मन में आते ही, उन्होंने परिवार और साथियों के साथ मिलकर मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था।

केयर विल ग्लोबल के प्रोपराइटर सूरज कुमार शुक्ला ने इस प्रयास को पूरे क्षेत्र की एकता और आस्था का प्रतीक बताया। चंदन कृष्ण त्रिपाठी और धीरज कृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद, ग्रामवासियों ने सामूहिक शक्ति और अटूट श्रद्धा के बल पर इस धार्मिक स्थल का निर्माण किया।

मंदिर के सेवादार शिव पूजन राजभर ने बताया कि गांव के लोग पूजा, सफाई और व्यवस्था के कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं, जिससे मंदिर का विकास तेजी से हुआ है।

वरिष्ठ नागरिकों के अनुसार, मंदिर परिसर में लगने वाला दृश्य हर शनिवार और मंगलवार को किसी मेले जैसा होता है, जो सामाजिक एकता और भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

भविष्य की योजनाएं

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आने वाले समय में मंदिर परिसर में धर्मशाला और प्रसाद वितरण केंद्र बनाने की भी योजना है, ताकि दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

 

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