देश मना रहा है मकर संक्रांति का त्योहार, जानें इस त्योहार को मनाने के पिछे का इतिहास

ब्यूरो रिपोर्ट 

आज 14 जनवरी है, इससे सभी वाकिफ हैं कि 14 जनवरी को पूरा देश मकर संक्रांति के रूप में मनाता है, यहां तक कि नेपाल राष्ट्र में भी इस त्योहार को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। इस त्योहार के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

ऐसा माना जाता है, कि मकर संक्रांति भगवान विष्णु की असुरों पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। मकर संक्रांति से ही ऋतु परिवर्तन भी होने लगता है। इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले लोग घर की साफ-सफाई करते हैं और इसके बाद आस-पास किसी पवित्र नदी में स्नान भी करते हैं।

मकर संक्रांति को मनाने के कारणों कि बात करे तो इसके पीछे बहुत से कारण मिल जायेंगे, लेकिन इसका मुख्य कारण है कि यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है, जो कि एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और यह कई राज्यों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इस दिन जहां बच्चे पतंग उड़ाते हैं वहीं घर के अन्य सदस्य इस दिन आस-पास के मंदिरों में जाकर खिच्चड़ भी चढ़ाते हैं और घर पर इस दिन भारत का राष्ट्रीय पकवान कहें जानें वाला खिचड़ी बनाते तथा सभी सदस्य एक साथ मिलकर खाते हैं। जिससे भारतीय परंपरा का भी विकास होता है।
मकर संक्रांति के संबंध में यदि पुराणों की बात करें तो इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से मिलने आते हैं, जो मकर राशि के स्वामी हैं, जिसके उपलक्ष्य में मकरसंक्रांति मनाई जाती है। यह त्योहार पिता और पुत्र के बीच एक स्वस्थ रिश्ते का प्रतीक भी माना जाता है।

 

Voice Of News 24

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