दुनिया भर में आज 10 जनवरी को लोग विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं। क्या है इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य और सर्वप्रथम किसने किया था आगाज़? पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट
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10 जनवरी एक ऐसा विशेष दिन है, जो भारतीयों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए खास है। क्योंकि इसी दिन को विश्व हिंदी दिवस के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।
यूं तो दुनिया भर में अनेक प्रकार कि भाषाएं बोली और समझी तथा लिखीं जाती है, लेकिन हिंदी भाषा विश्व में जो लोकप्रियता हासिल किया है काफ़ी दर्शनीय है। खास कर भारतीय लोगों के लिए हिंदी एक लोकप्रिय भाषा है जिससे उनके भारतीय होने का अहसास दिलाने के साथ साथ पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हिंदी भाषा में सुर, लय और ताल तथा रसो का मिश्रण इसे और भी लोकप्रिय बना देता है, जो अन्य भाषाओं से कहीं बेहतर और सौंदर्यपूर्ण बन जाता है।
विश्व हिंदी दिवस का सर्वप्रथम आगाज़
पहली बार 10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हुआ था। इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना था। सम्मेलन में लगभग 30 देशों के कुल 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
जबकि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 10 जनवरी, 2006 को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई थी। जो अब दुनिया में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।
क्यों मनाया जाता है, विश्व हिंदी दिवस?
विश्व में हिंदी भाषा का एक अलग आयाम स्थापित करने के लिए विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर हिंदी का पहचान बन सकें और लोग इसकी तरफ आकर्षित हो सकें। विश्व हिंदी दिवस को मनाने का दूसरा मुख्य उद्देश्य है कि हिंदी भाषा के प्रति विदेशों में भी लोगों के अन्दर रुचि और उत्साह बढ़े ताकि इस भाषा से अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।
सिद्धार्थनगर जिले में भीषण सड़क हादसा, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत परसा रेलवे स्टेशन के सामने दो बाइक आमने-सामने से टकरा गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई तथा दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और गाड़ियों के तों परखच्चे उड़ गये। @siddharthnagpol @Uppolice pic.twitter.com/1hMJ187j7K
— Voice of News 24 (@VOfnews24) January 10, 2025


















