पूरा भारत मना रहे पहला World Cup विजेता भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव का 67वां जन्मदिन

स्पोर्ट्स डेस्क

कपिल देव निखंज, जिनका जन्म 6 जनवरी 1959 को हुआ था, भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

कपिल देव का जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। आज उनका 67वां जन्मदिन पूरा भारत मना रहे हैं।, भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं। उनका नाम भारतीय क्रिकेट में हमेशा स्वर्णाक्षरों में लिखा गया हे ,खासकर उनकी कप्तानी में भारत ने 1983 में पहला क्रिकेट विश्व कप जीता था।जिसे हर भारतीयों के लिए एक तरह से माने तो उसके बाद ही भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया इसका पूरा का पूरा कपिल देव निखंज को जाता है.

कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 क्रिकेट विश्व कप में वेस्टइंडीज को हराया और इतिहास रचा। इस जीत ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी और दुनिया भर में भारत को एक मजबूत क्रिकेट शक्ति के रूप में स्थापित किया। कपिल की नेतृत्व क्षमता और क्रिकेट में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

भारतीय टीम के लिए 1978 में किया था डेब्यू

कपिल देव ने भारतीय टीम के लिए साल 1978 में वनडे में डेब्यू किया था और इसी साल उन्होंने भारतीय टीम के लिए टेस्ट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने दमदार प्रदर्शन से जल्द ही टीम इंडिया में परमानेंट जगह बना ली। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 131 टेस्ट मैचों में 434 विकेट हासिल किए और 225 वनडे में 253 विकेट हासिल किए। जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से 1994 में आखिरी मैच खेला था। तब वह भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज थे

विजडन का सम्मान और संन्यास

2002 में, क्रिकेट की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले विजडन ने कपिल देव को “इंडियन क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी” के रूप में शामिल किया था, जो उनके योगदान और क्रिकेट के प्रति उनकी कड़ी मेहनत का सम्मान था।

कपिल देव ने 1994 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया, उस समय तक उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 434 विकेट लिए थे, जो एक रिकॉर्ड था। यह रिकॉर्ड 2000 में वेस्टइंडीज के विकेटकीपर कर्टनी वॉल्श ने तोड़ा। कपिल के क्रिकेट करियर की खास बात यह थी कि उन्होंने न केवल गेंदबाजी में अपनी छाप छोड़ी, बल्कि एक महान बल्लेबाज के तौर पर भी खुद को साबित किया।

यादें जो

भारत की पहली क्रिकेट विश्व कप जीत में लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही थी . उस विजयी अभियान में कपिल देव की टुनब्रिज वेल्स में जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों को लोग अभी भी याद करते हैं, जिससे लेकर सैयद किरमानी ने उस पारी को अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक बताया है.

यह मैच भारत के लिए करो या मरो का था, क्योंकि अगर वे इस मैच में हार जाते, तो वे टूर्नामेंट से बाहर हो जाते.

योजना के अनुसार भारत की शुरुआत बेहद खराब रही, क्योंकि भारतीय टीम का स्कोर 17/5 पर था, जब कपिल देव बल्लेबाजी करने आए और 138 गेंदों पर नाबाद 175 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और छह छक्के जड़े.

उस पारी के बारे में अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं कि वनडे क्रिकेट में एक भारतीय द्वारा बनाया गया पहला शतक था और विकेटकीपर-बल्लेबाज सैयद किरमानी, जो दूसरे छोर से कपिल देव का साथ रहे थे, उन्होंने हाल ही में उस बेहतरीन पलों का याद किया.

कपिल देव को मिली बधाइयाँ

उनके जन्मदिन के अवसर पर, हिंदुस्तान समेत दुनियाभर के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें बधाई दी। कपिल देव का प्रभाव आज भी क्रिकेट की दुनिया में महसूस किया जाता है,

सचिन

सुरेश रैना 

कपिल देव का जीवन और करियर भारतीय क्रिकेट के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनकी कप्तानी, कड़ी मेहनत, और क्रिकेट के प्रति उनके समर्पण ने न केवल भारत को बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को एक नई दिशा दी।

 

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