जिला अस्पताल में खूब चल रहा दलालों का सिक्का,देखिए पैसें के लिए भूजाछोर कैसे बेच रहे अपनी जमीर?

Voice Of News 24

13 Sep 2023 16:27PM

वेतन से नही भर रहा पेट तो गरीबों की जेब काटने पर आमादा हो गए है अस्पताल के आदतन दलाल,जिम्मेदारो के आखों पर भी पड़ी है पट्टी

सिद्धार्थनगर

हर रोज सुर्खियों में रहने वाला सिद्धार्थनगर का जिला अस्पताल के बारे में आप क्या-क्या बताया और दिखया जाय लेकिन वहाँ के मनबढ़ और काहिल जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नही रेंग रहा है।

गरीबों से लेते हैं 100 रुपये अपनी जमीर बेचने की कीमत,सफेदपोशों का काला कारनामा

जिला अस्पताल पर मरीजों को भर्ती करने के एवज में सफेद वर्दी पहने दलाल 100 रुपये में अपना ईमान बेच रहे हैं। अस्पताल की चारदीवारी के अंदर पर्दे के पीछे वाले सीन की तरह दलालों की बहाली कर दी गई है,अंदर और बाहर पक रही वसूली की पकवान कौन-कौन खाता है?होशियार के लिए इशारा काफी है।आज आप जब जमीनी हकीकत से रूबरू होंगे तो जरूर आपको अपनी जेब को टटोलना पड़ सकता है।क्योंकि जिला अस्पताल पर थोक भाव में दलालों का बाजार सजता है, जैसी बीमारी वैसी कीमतों की बोली लगाई जाती है।

साहिबान,कदरदान और मेहरबान यहाँ शिकायत की उम्मीद बिल्कुल न करें,नम्बर ही गलत है

जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर के अस्पताल के प्रवेश द्वार और कई जगहों पर हाथी के दाँत की तरह लिख दिया गया है कि,”इस चिकित्सालय के चिकित्सक द्वारा रोगी को ब्रांडेड महंगी दवाएं लिखे जाने पर रोगी/तीमारदार मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क करें,”लेकिन इसकी क्या वास्तिवकता और जमीनी हकीकत है जरा आप भी जान लीजिए,कि वहाँ जो शिकायत का सम्पर्क सूत्र में दो CUG नम्बर लिखा गया है वह नम्बर सिद्धार्थनगर में तैनात किसी भी चिकित्सा से जुड़े अधिकारी का हैं ही नही,इसका मतलब बस लोगों और तीमारदारों को गुमराह करने को कोटापूर्ती हेतु लिख दिया गया है।जिला अस्पताल पर अगर आप अपनी बीमारी संबंधित इलाज के लिए जाते हैं तो अब जेब गर्म करके जाइये,नही तो आपको वहाँ पैसे के अभाव में जगह नहीं मिल सकती और न ही दवा नही मिल सकेगी और खाली हाथ घर वापस लौट आना पड़ेगा।

न जाने कब खुलेगी घोड़े बेचकर सोने वालों की नींद,कब तक ऐसे तीमारदारों के साथ होगी जास्ती?

यह बात थोड़ा आपके जहन में अजीब सी लगी होगी लेकिन आज की हकीकत से जब आपको रूबरू कराएंगे तो आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।जब वहां ईलाज कराने गए पीड़ितों ने हमारे संवाददाता को जिला अस्पताल के दलालों की गाथा सुनी तो ये खबर हम उन तक पहुँचाने और जगाने की कोशिश करेंगे जो अपनी जिम्मेदारी से दामन छुड़ाकर चादर तानकर सोये हैं। मामले में अब मरीज और तीमारदार किससे शिकायत करें, जब नम्बर किसी और का और नाम किसी और का हो।