Voice of News24
30Oct2022 22:15PM
धानी
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि में रविवार शाम को लोक आस्था के महापर्व छठ के तहत धानी क्षेत्र
अन्तर्गत राप्ती नदी के छठ घाट पर व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की और मन्नतें मांगी!
मान्यता है कि इस पर्व से जुड़े नियमों का पालन करने से माता छठी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं। बता दें कि छठ पर्व में विशेषतः भगवान सूर्य और माता छठी की पूजा की जाती है। षष्ठी तिथि के दिन डूबते हुए सूर्य की विशेष रूप से पूजा की जाती है।
छठ के त्योहार में पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इसी के साथ छठ पर्व का समापन हो जाता है. बिहार, झारखंड और पूरे देश में ये त्योहार बड़े धूम धाम से मनाया जाता है. इस व्रत के दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा की जाती है.
खरना का महत्व
खरना के दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं. इस दिन छठी माता का प्रसाद तैयार किया जाता है. इस दिन गुड़ की खीर बनती है. खास बात यह है कि वह खीर मिट्टी के चूल्हे पर तैयार की जाती है. प्रसाद तैयार होने के बाद सबसे पहले व्रती महिलाएं इसे ग्रहण करती हैं, उसके बाद इसे बांटा जाता है. इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. इसके अगले दिन सूर्यास्त के समय व्रती लोग नदी और घाटों पर पहुंच जाते हैं. जहां डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस दौरान सूर्यदेव को जल और दूध से अर्घ्य देते है. साथ ही इस दिन व्रती महिलाएं छठी मैया के गीत भी गाती हैं.
सुरक्षा वयवस्था को लेकर सतर्क रही पुलिस
इस दौरान बृजमनगंज थाना प्रभारी अजीत सिंह, चौकी इंचार्ज रमेश पुरी हेड कांस्टेबल दिग्विजय नाथ तिवारी,अनूप तिवारी , राम नवल यादव, दीपक पांडे रतन जयसवाल चप्पे चप्पे पर मौजूद दिखे ।

















