लार

देवरिया जनपद के प्रकाश पर्व दीपावली के पावन अवसर पर लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव में एक बेहद हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

देवरिया जनपद के प्रकाश पर्व दीपावली के पावन अवसर पर लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव में एक बेहद हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। शुक्रवार शाम घर से टहलने निकले 55 वर्षीय बुजुर्ग और उनके दो मासूम नाती-पोतों के शव शनिवार को गांव के बाहर स्थित बड़े ताल से बरामद किए गए। ताल में मिली एक डेंगी नाव से बच्चों के खिलौने व चप्पल बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि डेंगी पर चढ़ने या पैर फिसलने के दौरान एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में तीनों गहरे पानी में समा गए। छोटी दीपावली के दिन एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अर्थी उठने से खुशियों वाले घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
शुक्रवार शाम टहलने निकले, रातभर परिजनों ने की तलाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेमा गांव निवासी पीतांबर चौहान (उम्र 55 वर्ष) शुक्रवार की शाम अपने पोते शिवांश (उम्र 6 वर्ष, पुत्र कुल भास्कर उर्फ पिंटू) और नाती दिव्यांश (उम्र 7 वर्ष, पुत्र दारा सिंह चौहान, निवासी मधुबन, जनपद मऊ) के साथ घर से बाहर टहलने निकले थे। देर रात तक जब तीनों घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। रातभर परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों, रास्तों व संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रात में ही पुलिस को सूचना दी गई।
सुबह ताल में उतराता दिखा मासूम का शव, NDRF व गोताखोरों ने निकाले बाकी दो शव
शनिवार सुबह जब ग्रामीण गांव के बाहर स्थित बड़े ताल की ओर गए, तो पानी में मासूम शिवांश का शव उतराता दिखाई दिया। घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पाकर सीओ सलेमपुर गौरव सिंह, प्रभारी निरीक्षक लार निर्भय कुमार सिंह और नायब तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौर्य पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोताखोरों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को बुलाया। सघन तलाशी अभियान के बाद दोपहर तक बुजुर्ग पीतांबर चौहान और उनके नाती दिव्यांश का शव भी ताल की गहराई से बाहर निकाल लिया गया। तीनों शवों को बाहर आते देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। यहां तक कि बचाव कार्य में जुटे पुलिस अधिकारी व जवान भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
छठ महापर्व मनाने मायके आई थी बहन, उजड़ गईं खुशियां
परिजनों ने बताया कि पिंटू के घर इस वर्ष छठ पूजा का आयोजन होना था। इसी सिलसिले में उनकी बहन किरन अपने पति दारा सिंह और इकलौते बेटे दिव्यांश के साथ दो दिन पूर्व ही मायके नेमा गांव आई हुई थीं। घर में दीपावली और छठ महापर्व को लेकर उल्लास का माहौल था और बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं।
मृतक शिवांश और दिव्यांश अपने-अपने घरों के इकलौते बेटे थे और दोनों ही दो-दो बहनों के अकेले भाई थे। एक ही झटके में दोनों घरों के कुलदीपक हमेशा के लिए बुझ गए। जब दोनों मासूमों के शव ताल से बाहर लाए गए, तो मां किरन और पिता दारा सिंह दहाड़ मारकर रोते हुए बेहोश हो गए। पिता का साया, अपना इकलौता बेटा और भांजा एक साथ खो चुके पिंटू चौहान पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में पीतांबर चौहान की पत्नी विद्यावती देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
डेंगी नाव से बच्चों के खिलौने व चप्पल बरामद, हादसे की आशंका
ताल में खड़ी एक डेंगी (छोटी नाव) से पुलिस को बच्चों के खिलौने और चप्पल मिले हैं। ग्रामीणों व प्रत्यक्षदर्शियों का अनुमान है कि बच्चे दादा के साथ टहलते हुए ताल किनारे पहुंचे होंगे और डेंगी पर बैठने की जिद की होगी। इस दौरान किसी एक बच्चे के गहरे पानी में गिरने पर उसे बचाने के चक्कर में दादा और दूसरा बच्चा भी डूब गए होंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति: सीओ
घटनास्थल पर पहुंचे सलेमपुर क्षेत्राधिकारी (सीओ) गौरव सिंह ने बताया कि ताल से बरामद तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से मौत होना प्रतीत हो रहा है। वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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