बलिया

बलिया रसड़ा में बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया रसड़ा में बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यह मांग पिछले 20 महीनों से उठाई जा रही है और वे ज्ञापन व कार्यक्रमों के जरिए शासन-प्रशासन का ध्यान खींचते रहे हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी फैक्ट्री या कारखाना चालू हालत में नहीं है।
इथेनॉल के दौर में किसानों को मिलेगा लाभ
रामइकबाल सिंह ने कहा कि केवल ‘बागी बलिया’ कहने से हालात नहीं सुधरेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर जब 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे में चीनी मिल शुरू होने से किसानों को सीधा फायदा होगा। उनके मुताबिक किसानों की आमदनी बढ़ेगी तो उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के व्यापारियों की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।
बाढ़, कटान और जलभराव का मुद्दा
पूर्व विधायक ने कहा कि हर साल बाढ़ और कटान से किसान जमीन और घर गंवाते हैं, लेकिन दशकों बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकला। उन्होंने पड़ोसी राज्य बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पक्की पिचिंग से कटान की समस्या में राहत दी गई, जबकि बलिया में बारिश होते ही शहर जलमग्न हो जाता है और सीवर लाइनें चोक हो जाती हैं।
मतदाताओं की जवाबदेही भी तय हो
रामइकबाल सिंह ने कहा कि इस दुर्दशा के लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, चीनी मिल और जल निकासी जैसे मुद्दों के बजाय जाति, धर्म और भावनात्मक बातों पर वोट देती है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग विकास के मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से हिसाब नहीं मांगेंगे और काम के आधार पर मतदान नहीं करेंगे, तब तक बलिया की तस्वीर नहीं बदलेगी।
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