गुन्नौर
संभल जनपद के धनारी और गुन्नौर क्षेत्र में अवैध चिकित्सा और फर्जी लैबों के खिलाफ लगातार उठ रही आवाजों के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग का हंटर चल गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

संभल जनपद के धनारी और गुन्नौर क्षेत्र में अवैध चिकित्सा और फर्जी लैबों के खिलाफ लगातार उठ रही आवाजों के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग का हंटर चल गया है। गुन्नौर कस्बे के मोहल्ला जुलेहपुरा में अवैध रूप से संचालित हो रहे एक क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक छापेमारी की। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज या डॉक्टरी की डिग्री प्रस्तुत न कर पाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। विभाग की इस औचक कार्रवाई से कस्बे और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से दुकान खोलकर बैठे झोलाछापों में भारी हड़कंप मच गया है।
शिकायत पर जुलेहपुरा पहुंची टीम, डिग्री और लाइसेंस मांगे जाने पर उड़े होश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि गुन्नौर के मोहल्ला जुलेहपुरा में बिना किसी वैध पंजीकरण और मानकों को ताक पर रखकर एक कथित ‘डॉक्टर’ द्वारा धड़ल्ले से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है और मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष जांच टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर औचक दबिश दी। टीम के अचानक पहुंचते ही संचालक और वहां मौजूद स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने जब संचालक से क्लीनिक संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, क्लीनिक का वैध लाइसेंस और चिकित्सा से जुड़ी उनकी मूल डिग्री मांगी, तो वह कोई भी संतोषजनक कागजात या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।
अवैध क्लीनिक किया गया सील; सूचना मिलते ही शटर गिराकर भागे अन्य झोलाछाप
मेडिकल काउंसिल के नियमों और चिकित्सा अधिनियम का खुला उल्लंघन पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बिना समय गंवाए मौके पर ही जब्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की और उक्त अवैध क्लीनिक को पूरी तरह सील कर दिया।
जुलेहपुरा में हुई इस कड़े प्रशासनिक एक्शन की भनक लगते ही पूरे गुन्नौर कस्बे और मुख्य बस स्टैंड के आस-पास अवैध रूप से क्लीनिक, मेडिकल स्टोर और फर्जी पैथोलॉजी लैब चलाने वाले अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई की सूचना आग की तरह फैलते ही कई अन्य कथित डॉक्टर अपने-अपने क्लीनिकों के शटर आनन-फानन में गिराकर मौके से रफूचक्कर हो गए।
फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी: स्वास्थ्य विभाग
कार्रवाई के उपरान्त स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी फर्जी या बिना डिग्रीधारी चिकित्सक को बख्शा नहीं जाएगा। जनपद में बिना पंजीकरण और वैध अनुमति के चिकित्सा कार्य करने वाले सभी तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है और यह सीलिंग अभियान आगे भी पूरी कड़ाई के साथ लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और मौसमी बीमारियों या किसी भी इलाज के लिए केवल पंजीकृत, अधिकृत और विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही संपर्क करें, ताकि गलत इलाज और आर्थिक शोषण से बचा जा सके।
बिजली विभाग में की चली तबादला एक्सप्रेस pic.twitter.com/xY7xqaQOJL
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 22, 2026






















