सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा की, आंगनबाड़ी और शौचालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकास विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जनपद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विकास विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर जोर

जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और आंगनबाड़ी भवनों के सर्वे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जर्जर और मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केंद्रों में 8 पैरामीटर के आधार पर मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों में रनिंग वाटर, बाला पेंटिंग, टाइलीकरण और शौचालय पूर्ण होने चाहिए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सीडीपीओ के माध्यम से कार्य की प्रगति की जानकारी भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ओडीएफ और सामुदायिक सुविधाओं पर फोकस

बैठक में ओडीएफ मॉडल ग्राम की समीक्षा करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने उन ग्रामों में अन्नपूर्णा भवन और RRC सेंटर हेतु भूमि चयन की कार्यवाही उपजिलाधिकारी के माध्यम से कराने के निर्देश दिए, जहां अभी तक भूमि चिन्हित नहीं हुई है। उन्होंने सामुदायिक शौचालय और RRC सेंटर को क्रियाशील कराने के साथ-साथ गांवों में सफाई कर्मचारी का नाम अंकित कराने का भी निर्देश दिया।

भुगतान और निरीक्षण पर सख्त निर्देश

समस्त खंड विकास अधिकारियों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के प्रथम एवं द्वितीय किस्त का भुगतान कराने के निर्देश दिए गए। राज्य वित्त आयोग/केंद्र वित्त आयोग की समीक्षा में नियमानुसार व्यय करने को कहा गया। सभी खंड विकास अधिकारियों और एडीओ पंचायत को ओडीएफ मॉडल ग्रामों में सुबह/शाम में सामुदायिक शौचालय, अंत्येष्टि स्थल, RRC सेंटर और मनरेगा के कार्यों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण अंत्येष्टि स्थल विकास योजनान्तर्गत वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अगस्त तक परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जितनी भी परियोजनाएं चल रही हैं, उन्हें अगस्त तक अवश्य पूर्ण करा लिया जाए। एमडीएम (मध्याह्न भोजन) शेड का निर्माण कार्य 30 अगस्त 2025 तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। अन्नपूर्णा भवन का निर्माण पूर्ण कराने और जहां निर्माण हो गया है, उसे हैंडओवर कराने को कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिदिन प्रगति की मॉनिटरिंग करने का जिम्मा सौंपा गया। इसके अलावा, सामुदायिक बकरी शेड और सामुदायिक मुर्गी शेड की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

पंचायत भवन और पशु चिकित्सालयों पर भी ध्यान

पंचायत भवनों पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) और लाइब्रेरी का संचालन कराने तथा पंचायत भवनों को समय से खोलने के निर्देश दिए गए। ओपन जिम का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय से पूर्ण कराने पर भी जोर दिया गया। राजकीय पशु चिकित्सालयों के मरम्मत का टेंडर कार्य पूर्ण कराकर निर्माण कार्य कराने का भी निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीडीओ सतीश सिंह, डीपीआरओ, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत व अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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