क्या साहब!अंगद की तरह पैर जमाये CMO बीके अग्रवाल को घूसकांड में केवल इतनी सजा,बस तबादला!

Voice Of News 24

28 Sep 2023 01:14AM

सिद्धार्थनगर जिले के विवादित CMO BK अग्रवाल का तबादला कर दिया गया है,जिले में नए CMO की पोस्टिंग कर दी गई है,और पूर्व CMO को मंत्रियों के चौबारे में भेज दिया गया है,पढिये पूरी खबर…

 

जिले के पूर्व जिलाधिकारी संजीव रंजन ने CDO को दी थी जांच की कमान,लेकिन अभी तक नही आया रिपोर्ट

विवादित CMO बीके अग्रवाल और डिप्टी CMO के साथ और भी चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ घूसखोरी के मामले में पूर्व DM ने जाँच के आदेश दिया था फिर,DM साहब बदल गए लेकिन अभी तक जाँच की पोथी नहीं पहुँची जिलाधिकारी के पास।इसी बीच पूर्व CMO का उस मामले से रास्ता साफ हो गया और आज शाम होते ही उन्हें संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवा की गलियों में फेंक दिया गया है।

सिद्धार्थनगर

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर जिले की सामने आ रही है जिसमे लंबे अरसे से विवादों के चल रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीके अग्रवाल को पदविमुख करके लखनऊ में मंत्रियों के गलियों में तैनाती दे दी गई है।कभी मानक विहीन अस्पतालों तो कभी अपने ही अफसरों के साथ रिश्वत मांगने की करतूतों के घिरे पूर्व CMO अग्रवाल जिले में जमकर गदर काटे है।उनकी पुरानी करतूतों से हम आपको रूबरू कराते हैं क्या थे काले कारनामे?

डिप्टी CMO, डॉक्टर और फार्मासिस्ट के रिश्वतकाण्ड में मुकदमा दर्ज,बेदाग नही रहा दामन

चिकित्सा विभाग में आरोपी तीन हुकुम के इक्को का भ्रष्टाचार में CMO ने दर्ज कराया मुकदमा,डिप्टी CMO, डॉक्टर और फार्मासिस्ट को चढ़ेगा बुखार,और आज नया अपडेट,पूर्व CMO की तैनाती मंत्रियों के मुहल्ले में तैनाती।

बीते कुछ दिनों पहले सिद्धार्थनगर के चिकित्सा विभाग के बड़े अधिकारियों का एक निजी अस्पताल के मालिक से रिश्वत लेने का वीडियो जमकर वायरल हुआ था।जिसमे आरोप और प्रत्यारोप CMO के ऊपर भी चढ़ गया था और सिध्दार्थनगर के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी बी.के.अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।बांसी कस्बे के निजी अस्पताल संचालक रंजीत कुमार द्वारा घुसकांड में पैसों की लेनदेन का वीडियो वायरल किया गया था।

जानिए तहरीर के अनुसार कमरा न०-04 की कहानी,कैसे हुई मामले की सेंटिंग

तहरीर के मुताबिक जिसमे यह लिखा गया है कि डिप्टी CMO यह कह रहे हैं तुम दुर्भाग्य मानकर कुछ नही सब्र कर लो यह CMO दो-चार या महीनों या साल भर में चला जायेगा,इसके रहते तुम्हारा काम नही हो सकता और जो एक लाख चालीस हजार तुम्हारा है मुझसे ले लेना।तब तक यूनानी चिकित्सा की प्रैक्टिस कर लो जिसका तुम लाइसेंस लिए हो ,या फिर पड़ोस के जिले संतकबीरनगर में काम कर लो,रोज दो ऑपरेशन कर लेना।उसके बाद संचालक ने अपनी हां भर दी।लेनदेन की वार्तालाप में पहले वीडियो में कमरा नम्बर-04 में डॉ बीएन चतुर्वेदी,एमएम त्रिपाठी और आरके शर्मा बैठे दिखे।

कार में संचालक के के साथ बैठे DCMO के बिगड़े बोल,CMO को बोल दिया लतखोर

जबकि दूसरे वीडियो में बीएन चतुर्वेदी रंजीत कुमार के साथ कार में बैठे बोल रहे हैं कि मैं तुम्हारे मामले में नही कुछ कर पाऊँगा लेकिन बाद में इसका खामियाजा CMO को भुगतना पड़ेगा और मैं उनका नुकसान कराउँगा।यह CMO लतखोर है।ये पूरी बातें CMO के द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर पर आधारित है।

नोट गिनने का चढ़ा था खुमार ,अब जिंदगी भर नहीं भूलेंगे 420 की गिनती

अब जमीनी हकीकत क्या है ये तो जांच के बाद दूध का दूध पानी का पानी होगा।फिलहाल मामले में धोखाधड़ी,इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट के ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।इस हाईप्रोफाइल मामले की जाँच CDO जयेन्द्र कुमार को दी गई थी लेकिन साहब अभी तक रिपोर्ट नही दे सकें और CMO को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दूसरे क्षेत्र में फेंक दिया गया ।

जिले में नए CMO की पोस्टिंग,अग्रवाल का लखनऊ में ठिकाना,कहीं ऐसा तो नही….

अभी फिलहाल मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वी के अग्रवाल की जगह डॉ नरेंद्र कुमार को CMO सिध्दार्थनगर का पदभार दिया गया है।
डॉक्टर नरेंद्र कुमार अपर मुख्य चिकित्साधिकारी कानपुर देहात से मुख्य चिकित्साधिकारी सिद्धार्थ नगर के पद पर पहली बार तैनात होंगे। विवादित CMO अग्रवाल की संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक लखनऊ में तैनाती मिल गई है ।अब सवाल यह है कि कहीं प्रदेश की राजधानी में साहब के काले कारनामों में घिरे रहने से बुरे दिन न देखना पड़े।