सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर: कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में जिला स्वास्थ्य समिति एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर: कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में जिला स्वास्थ्य समिति एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया।
घर पर प्रसव मिलने पर तय होगी एमओआईसी की जिम्मेदारी
बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव नहीं होना चाहिए। सभी गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव अस्पतालों में ही सुनिश्चित कराया जाए। यदि कहीं भी घर पर प्रसव का मामला सामने आता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित चिकित्सा अधीक्षक (MOIC) जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए ताकि जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
आयुष्मान कार्ड और जननी सुरक्षा योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
डीएम ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति धीमी मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा बहुओं के माध्यम से अभियान चलाकर इस लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। वहीं, जननी सुरक्षा योजना में कम प्रगति मिलने पर लाभार्थियों का त्वरित पंजीकरण कर समय से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
टीबी, मलेरिया और डेंगू नियंत्रण पर विशेष जोर
बैठक में वेक्टर जनित बीमारियों और संक्रामक रोगों की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। डीएम ने टीबी के संभावित मरीजों की समय पर जांच व दवा वितरण सुनिश्चित करने तथा बारिश के मौसम को देखते हुए मलेरिया, डेंगू और इंसेफलाइटिस के खतरे से निपटने के लिए तेज बुखार के मरीजों की जांच, एंटीलार्वा छिड़काव और साफ-सफाई के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखें और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का विवरण रेफरल रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। कार्य में कोताही बरतने वाले सीएचओ, आशा और एएनएम को नोटिस जारी करने तथा कम डिलीवरी कराने वाली आशाओं को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे सहित जनपद के समस्त एमओआईसी, डीपीएम और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।
महराजगंज दीपावली पर्व के मद्देनजर जनपद में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अवैध पटाखों के वितरण एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। https://t.co/C5pJBcU0nD
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 4, 2026












