बागपत

बागपत भारतीय किसान यूनियन की एकजुटता और कड़े रुख के सामने अंततः पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा। सरूरपुर कलां चौकी पर प्रस्तावित संगठन के विशाल धरना-प्रदर्शन से पहले ही सीओ सिटी और कोतवाली प्रभारी ने किसान नेताओं से वार्ता की।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बागपत भारतीय किसान यूनियन की एकजुटता और कड़े रुख के सामने अंततः पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा। सरूरपुर कलां चौकी पर प्रस्तावित संगठन के विशाल धरना-प्रदर्शन से पहले ही सीओ सिटी और कोतवाली प्रभारी ने किसान नेताओं से वार्ता की।
ग्राम सरूरपुर स्थित संगठन कार्यालय पर हुई इस वार्ता के दौरान कोतवाल ने चौकी इंचार्ज को मौके पर तलब किया, जहाँ चौकी इंचार्ज ने अपने कृत्य के लिए किसान पदाधिकारियों के समक्ष माफी मांगी।
इसके बाद, संगठन ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर कोतवाल बागपत को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कोतवाल द्वारा निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने फिलहाल अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।
हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ज्ञापन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आपात बैठक बुलाकर आर-पार के उग्र आंदोलन का शंखनाद करेगा।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके रवैये पर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। थाना मिलक परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिस इंस्पेक्टर सरेआम महिला को थप्पड़ मारते और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए https://t.co/AXU9XJlMNt
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 3, 2026













