लखनऊ

लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के सामने सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने टेंट तानकर और दरी बिछाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के सामने सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने टेंट तानकर और दरी बिछाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ‘सफाई कर्मचारी संघर्ष संयुक्त मोर्चा’ के बैनर तले एकजुट हुए प्रदेशभर के ठेका सफाईकर्मियों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ईपीएफ कटौती और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
मोर्चा के मुख्य संयोजक राम प्रकाश वाल्मीकि और संयोजक ओमीलाल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ के नाम पर मनमानी कटौती तो की जाती है, लेकिन इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिलता। उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत कर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस सरकार में गरीब सफाईकर्मियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आउटसोर्सिंग का विरोध और महाआंदोलन की चेतावनी
धरने में शामिल ‘पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ वाल्मीकि ने सफाई कार्य को ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग पर कराए जाने को संविधान की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने मांग की कि नियमित स्वरूप के कार्यों को ठेके पर नहीं कराया जाना चाहिए।
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी 6 सूत्रीय मांगों और ईपीएफ घोटाले की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में सफाई कर्मचारी काम का बहिष्कार कर महाआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बुलंदशहर: जहांगीराबाद में प्रसव के दौरान महिला की मौत, ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप; दो अस्पताल संचालक गिरफ्तार
https://t.co/XCmhawchhM
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 2, 2026













