गोरखपुर

गोरखपुर चेन्नई में मजदूरी के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए एक 36 वर्षीय मजदूर को गोरखपुर एम्स में भर्ती कराने के लिए उसकी पत्नी को भारी संघर्ष करना पड़ा।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

गोरखपुर चेन्नई में मजदूरी के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए एक 36 वर्षीय मजदूर को गोरखपुर एम्स में भर्ती कराने के लिए उसकी पत्नी को भारी संघर्ष करना पड़ा। गंभीर हालत होने के बावजूद उसे इमरजेंसी से ओपीडी के चक्कर लगवाए गए, जिसके बाद एम्स की कार्यकारी निदेशक के हस्तक्षेप पर मरीज को भर्ती किया गया।
मूलरूप से बिहार के सिवान जिले के रहने वाले रूदल गिरी चेन्नई में मजदूरी करते थे। करीब दो महीने पहले काम के दौरान वह छत से नीचे गिर गए थे, जिससे उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न होने के कारण दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी और सही देखभाल न मिलने के कारण उनकी पीठ पर गंभीर घाव हो गए थे।
कड़ी मशक्कत से पत्नी लाई घर
पति से कई दिनों तक संपर्क न होने पर पत्नी सुनीता देवी अपने बहनोई के साथ चेन्नई पहुंचीं। निजी अस्पताल में इलाज के बाद भी सुधार न होने पर उन्होंने 50 हजार का कर्ज लिया और जेवर गिरवी रखकर 70 हजार रुपये जुटाए। इसके बाद 65 हजार रुपये में गाड़ी बुक कर वह पति को अपने घर बिहार लेकर आईं।
एम्स में भटकना पड़ा रातभर
बीती 8 अक्टूबर को सुनीता अपने पति को लेकर गोरखपुर एम्स की इमरजेंसी पहुंचीं। आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती नहीं किया और रात में हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में दिखाने के लिए कह दिया। छोटे बच्चों के साथ महिला को अपने पति को स्ट्रेचर पर लेकर सीढ़ियों के नीचे रात गुजारनी पड़ी। सुबह होने पर वह ओपीडी के चक्कर काटती रहीं और विभागों के बीच भटकने के कारण परेशान होकर रोने लगीं।
मामला जब एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए मरीज को भर्ती करने का निर्देश दिया, जिसके बाद रूदल का उपचार शुरू हो गया।
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