दुबे छपरा/बैरिया
गंगा नदी के कटान से क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए बलिया जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बैरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम दुबे छपरा में निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का स्थलीय निरीक्षण किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

गंगा नदी के कटान से क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए बलिया जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बैरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम दुबे छपरा में निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का स्थलीय निरीक्षण किया। बरसात के मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था को मैनपावर बढ़ाकर युद्धस्तर पर काम करने और हर हाल में 24 जुलाई तक रिंग बंधे का निर्माण कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
DM ने खुद फीता डालकर कराई चौड़ाई-गहराई की नाप, परखी गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही को रोकने के लिए मौके पर ही बाढ़ ठोकर की चौड़ाई और गहराई की नाप कराई। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने अवगत कराया कि ठोकर की चौड़ाई 15 मीटर तथा गहराई 12 मीटर निर्धारित मानकों के अनुसार रखी गई है। डीएम ने निर्माण में इस्तेमाल हो रहे पत्थरों की क्वालिटी और उपलब्धता के बारे में भी पूछा, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाले पत्थर मिर्जापुर से मंगाए जा रहे हैं।
अधिकारियों और लेखपाल को दिए सख्त निर्देश
सड़क और बांध निर्माण के रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद लेखपाल को निर्देशित किया कि निर्माण स्थल के आसपास जितने भी हरे पेड़ हैं, उनका स्वामित्व तुरंत चिन्हित कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करें, ताकि निर्माण कार्य में कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा न आए।
तय समय पर काम न होने पर होगी सीधे कानूनी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कार्यदायी संस्था और बाढ़ खंड के अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा यानी 24 जुलाई तक यदि रिंग बंधे का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आम जनता की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी (SDM) बैरिया, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता सहित राजस्व और सिंचाई विभाग के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन की उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब ग्रामीण अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत औरहवा के बड़ईया टोले से सामने आया है। pic.twitter.com/lPuUhpC40x
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 14, 2026













