महराजगंज
महराजगंज भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जनपद के संवेदनशील कस्बे सोनौली में प्रशासन ने अवैध भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सोनौली नगर पंचायत क्षेत्र में बेशकीमती सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर करीब 40 डिसमिल जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया।

इस कार्रवाई के बाद से ही सीमावर्ती क्षेत्र के अवैध कब्जाधारकों और भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
तीन बार दी गई थी चेतावनी, नहीं चेते अतिक्रमणकारी
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस कीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व एवं नगर पंचायत प्रशासन ने संयुक्त रूप से जांच कराई थी।
कानूनी प्रक्रिया के बाद एक्शन:
नियमानुसार, अतिक्रमणकारियों को स्वयं कब्जा हटाने के लिए प्रशासन द्वारा तीन बार आधिकारिक नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद कब्जाधारकों ने निर्धारित समयावधि के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया, जिसके बाद मजबूरन प्रशासन को बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का फैसला लेना पड़ा।
भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारी
यह महा-अभियान नगर पंचायत सोनौली की अधिशासी अधिकारी (EO) सुरभि मिश्रा तथा नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव के संयुक्त नेतृत्व में चलाया गया। भारत-नेपाल बॉर्डर का मामला होने के कारण सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए थे। राजस्व विभाग, नगर पंचायत और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर ने चंद घंटों में ही पक्के व कच्चे अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
‘अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं’: नायब तहसीलदार
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी:
“संबंधित लोगों को पर्याप्त समय और तीन बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन उन्होंने कानून का पालन नहीं किया। सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी जहां कहीं ऐसी शिकायतें मिलेंगी, वहां इसी तरह नियमानुसार कठोरतम बुल्डोजर एक्शन जारी रहेगा।”
जनता ने किया फैसले का स्वागत
प्रशासन की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों ने पुरजोर स्वागत किया है। ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी जमीनों को इसी तरह सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन का यह कड़ा रुख आगे भी बरकरार रहेगा।












