सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना अंतर्गत नगर पंचायत बढ़नी में प्रशासनिक उदासीनता के चलते नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना अंतर्गत नगर पंचायत बढ़नी में प्रशासनिक उदासीनता के चलते नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। सार्वजनिक और आम स्थानों पर शराब पीना कानूनी रूप से दंडनीय अपराध होने के बावजूद यहाँ मुख्य सड़कों और चौराहों पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस अराजकता के कारण स्थानीय राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं को भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है, जबकि स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
दुकान पर लिखा है ‘शराब पीना वर्जित है’, ठीक नीचे जमता है रंग
हैरानी की बात यह है कि नगर पंचायत बढ़नी बस स्टैंड चौराहे के पास (वार्ड नंबर 3 लोहिया नगर) नेशनल हाईवे-730 पर पचपेड़वा-बलरामपुर जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे एक देसी शराब की दुकान संचालित है। दुकान पर बकायदा एक बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है— “सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्जित है, उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।” लेकिन, इसी बोर्ड के ठीक नीचे नियमों को ठेंगा दिखाते हुए शराबी झुंड बनाकर सरेआम जाम छलकाते नजर आते हैं।
चिकन-चिखने की अवैध दुकान, सड़क तक बैठते हैं शराबी
सूत्रों के मुताबिक, इस सरकारी ठेके के बिल्कुल बगल में एक निजी दुकान अवैध रूप से संचालित हो रही है। इस दुकान में शराबियों के लिए चिखना (सलाद/नमकीन) और खाने-पीने का पूरा इंतजाम अवैध रूप से किया जाता है। सुविधा मिलने के कारण शराबी न सिर्फ दुकान के भीतर, बल्कि कमरे से बाहर निकलकर मुख्य सड़क के किनारे खड़े होकर खुलेआम शराब का सेवन करते हैं। इसके चलते जगह-जगह गंदगी और खाली बोतलों का अंबार लगा रहता है।
राहगीरों और महिलाओं का निकलना हुआ दूभर
चूंकि यह मार्ग नेशनल हाईवे का मुख्य हिस्सा है, इसलिए यहाँ से दिनभर स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का आना-जाना लगा रहता है। खुलेआम शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले तत्वों के कारण महिलाओं को असहजता और भय के माहौल में यहाँ से गुजरना पड़ता है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि पूर्व में ऐसे तत्वों के खिलाफ चलने वाली पुलिस पेट्रोलिंग और विशेष चेकिंग अभियान अब पूरी तरह ठप हो चुके हैं।
जनता ने की सख्त कार्रवाई की मांग; प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन, ढेबरुआ थाना पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि:
शराब की दुकानों के आसपास अवैध रूप से चिखना बेचने और पीने की सुविधा देने वाली दुकानों को तुरंत बंद कराया जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर जाम छलकाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ पूर्व की भांति विशेष अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि कुंभकरणी नींद सो रहा पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग इस गंभीर जन-समस्या का संज्ञान लेकर कब तक जागता है, या फिर यूँ ही जिम्मेदार अधिकारी अपनी आँखें मूंदे रहेंगे और नियमों की धज्जियां उड़ती रहेंगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 2, 2026












