निचलौल/महराजगंज
महराजगंज जनपद के निचलौल तहसील क्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के निचलौल तहसील क्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शासन की मंशानुसार भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने एक बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने रिश्वत लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंडल अध्यक्ष के साथ अभद्रता व मारपीट करने के गंभीर आरोपों में घिरे आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी की इस तल्ख और कड़ी कार्रवाई से समूचे राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निचलौल तहसील क्षेत्र में तैनात उक्त लेखपाल के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार गंभीर शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही थीं। आरोप है कि लेखपाल ने एक मामले में न सिर्फ पीड़ित पक्ष से अवैध रूप से रिश्वत की मांग की, बल्कि विरोध करने पर पद के अहंकार में चूर होकर पीड़ित के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें सरेआम अपमानित भी किया।
हद तो तब हो गई जब मामले की जानकारी होने पर बीच-बचाव करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय मंडल अध्यक्ष के साथ भी आरोपी लेखपाल ने मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघते हुए तीखी नोकझोंक की और उनके साथ मारपीट व हाथापाई की घटना को अंजाम दे डाला। सत्ताधारी दल के पदाधिकारी के साथ हुई इस अभद्रता और गुंडागर्दी की खबर जैसे ही लीक हुई, वैसे ही राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई।
डीएम गौरव सिंह सोगरवाल का कड़ा रुख, जांच के भी दिए आदेश
इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बिना कोई देरी किए आरोपी लेखपाल के निलंबन आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। डीएम ने साफ शब्दों में कहा है कि जनता के काम में बाधा डालने वाले, भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने वाले और कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
निलंबन की इस कार्रवाई के साथ ही जिलाधिकारी ने मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का भी गठन कर दिया है, जो तय समय सीमा के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या सौंपेगी। निलंबन अवधि के दौरान आरोपी लेखपाल को तहसील मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने जिलाधिकारी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है, जिससे आम जनता के बीच प्रशासन की इकबालिया धाक और मजबूत हुई है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 25, 2026













