यूपी पुलिस, वास्तव में रियल हीरो तो है, लेकिन लोगों के ज़ेहन में कैसे डाला जाए? इसके लिए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 संवाददाता फरमान हिन्दुस्तानी ने बड़े ही सूझबूझ के साथ यूपी पुलिस पर एक लेख प्रस्तुत किया है। इस रिपोर्ट से आपको भी अंदाजा लग जाएगा कि वास्तव में यूपी पुलिस रियल हीरो है। पढ़ें वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 संवाददाता फरमान हिन्दुस्तानी की पूरी रिपोर्ट।

रात्रि के ठीक साढ़े तीन बजे अचानक मेरी आंख खुली।
चारों तरफ सन्नाटा था।
गली-मोहल्ले सो रहे थे,
लोग अपने घरों में चैन की नींद ले रहे थे। लेकिन उस रात मेरी सोच जाग गई…
अचानक मेरे मन में थाना क्षेत्र ककोड़ की वह शांति समिति बैठक घूमने लगी,
जहाँ मैं कल गया था।
मैंने वहाँ पुलिसकर्मियों की व्यवस्था देखी थी।
किसी की नजर कुर्सियों पर थी,
किसी की भीड़ पर,
कोई सुरक्षा देख रहा था,
तो कोई आने-जाने वालों पर निगाह बनाए हुए था।
तब मुझे महसूस हुआ कि
हम अक्सर पुलिस की वर्दी तो देखते हैं,
लेकिन उस वर्दी के अंदर छिपी थकान, जिम्मेदारी और त्याग को नहीं देख पाते।
यूपी पुलिस…सच में रियल हीरो है?
जब पूरा शहर होली के रंगों में डूबा होता है,
दीवाली की रोशनी में घर चमक रहे होते हैं,
ईद की खुशियां बांटी जा रही होती हैं,
तब ये पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर सड़क पर खड़े होते हैं।
कभी ट्रैफिक संभालते हुए,
कभी किसी नेता की जनसभा में सुरक्षा देते हुए,
कभी किसी झगड़े को शांत कराते हुए,
तो कभी किसी मां के आंसू पोंछते हुए।
और सबसे बड़ी बात…
“112 डायल”
यह सिर्फ एक नंबर नहीं है,
यह आधी रात का भरोसा है।
जब किसी घर में मुसीबत आती है,
जब कोई डरा हुआ इंसान रात के अंधेरे में फोन उठाता है,
तब सबसे पहले जो आवाज मदद बनकर दौड़ती है,
वह यूपी पुलिस की होती है।
कल एक पुलिसकर्मी मित्र ने मुझे 112 की एक शिकायत दिखाई।
मैं देखकर हैरान रह गया कि
कुछ लोग बिना वजह भी पुलिस को परेशान करते हैं।
झूठी कॉल…
फर्जी शिकायतें…
मजाक में किया गया फोन…
लेकिन सोचिए,
जिस समय कोई व्यक्ति मजाक कर रहा होता है,
उसी समय कहीं कोई सच में मदद का इंतजार कर रहा होता है।
फिर भी ये पुलिसकर्मी बिना गुस्से के,
बिना थके,
हर कॉल पर निकल पड़ते हैं।
भूखे…
प्यासे…
नींद से लड़ते हुए…
क्योंकि उनके लिए ड्यूटी सिर्फ नौकरी नहीं,
जिम्मेदारी होती है।
हम अक्सर पुलिस की गलतियां गिनाते हैं,
लेकिन कभी उनकी कुर्बानियां नहीं गिनते।
हम त्योहारों पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें लेते हैं,
और उसी वक्त कोई पुलिसकर्मी
अपनी जेब में बच्चों की फोटो रखकर ड्यूटी कर रहा होता है।
सच कहूं
रात के साढ़े तीन बजे मुझे एहसास हुआ कि
जिस समाज को हम चैन से सोता हुआ देखते हैं,
उस चैन की रखवाली कोई और नहीं,
यूपी पुलिस करती है।
सलाम है उन सभी पुलिसकर्मियों को
जो हर मौसम, हर हालात और हर खतरे में
हमारी सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं।
यूपी पुलिस…वास्तव में रियल हीरो है।
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